Sunday, March 6, 2011

Dareful Poem

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है.
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है.
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है.
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में.
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो.
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्श का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम.
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

2)कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,
तुम कह देना कोई ख़ास नहीं .
एक दोस्त है कच्चा पक्का सा ,
एक झूठ है आधा सच्चा सा .
जज़्बात को ढके एक पर्दा बस ,
एक बहाना है अच्छा अच्छा सा .
जीवन का एक ऐसा साथी है ,
जो दूर हो के पास नहीं .
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,
तुम कह देना कोई ख़ास नहीं .
हवा का एक सुहाना झोंका है ,
कभी नाज़ुक तो कभी तुफानो सा .
शक्ल देख कर जो नज़रें झुका ले ,
कभी अपना तो कभी बेगानों सा .
जिंदगी का एक ऐसा हमसफ़र ,
जो समंदर है , पर दिल को प्यास नहीं .
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,
तुम कह देना कोई ख़ास नहीं .
एक साथी जो अनकही कुछ बातें कह जाता है ,
यादों में जिसका एक धुंधला चेहरा रह जाता है .
यूँ तो उसके न होने का कुछ गम नहीं ,
पर कभी - कभी आँखों से आंसू बन के बह जाता है .
यूँ रहता तो मेरे तसव्वुर में है ,
पर इन आँखों को उसकी तलाश नहीं .
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,
तुम कह देना कोई ख़ास नहीं
..... आपका एक दोस्त
*
*

3)लोग रूठ जाते हैं मुझसे
और मुझे मानना नहीं आता
मैं चाहता हूँ क्या
मुझे जाताना नहीं आता
आंसुओं को पीना पुरानी आदत है
मुझे आंसू बहाना नहीं आता
लोग कहते हैं मेरा दिल है पत्थर का
इसलिए इसको पिघलाना नहीं आता
अब क्या कहूं मैं
क्या आता है, क्या नहीं आता
बस मुझे मौसम की तरह बदलना नही आता
*

4)क्यूं कहते हो मेरे साथ कुछ भी बेहतर नही होता
सच ये है के जैसा चाहो वैसा नही होता
कोई सह लेता है कोई कह लेता है क्यूँकी ग़म कभी ज़िंदगी से बढ़ कर नही होता
आज अपनो ने ही सीखा दिया हमे
यहाँ ठोकर देने वाला हैर पत्थर नही होता
क्यूं ज़िंदगी की मुश्क़िलो से हारे बैठे हो
इसके बिना कोई मंज़िल, कोई सफ़र नही होता
कोई तेरे साथ नही है तो भी ग़म ना कर
ख़ुद से बढ़ कर कोई दुनिया में हमसफ़र नही होता
*

5)आसमा से उपर...
एक उड़ान की ख़्वाहिश है..!!
जहाँ हो हर क़दम सितारो पर...
उस ज़मीन की ख़्वाहिश है..!!
जहाँ पहचान हो लहू की हर एक बूँद की...
उस नाम की ख़्वाहिश है..!!
जहाँ खुदा भी आके मुझसे पूछे...
"बता, क्या लिखू तेरे मुक्क़दर मे...?"
उस मुकाम की ख़्वाहिश है..!!
*
*

6)Jis aasma ki mujhe talaash thi,
Woh abhi mujhe mila nahi,
Takdeer ko jo mujhe dena tha,
Nahi diya,
Iska mujhe koi gila nahi,
Abhi laga hua hai nakaamyaabiyon ka silsila,
Manzil door hai aur rasta mujhe mila nahi. . .
Phans bhi jaati hai toofano mein kashtiyan,
Kya aisa bhi kabhi hua hai, Ki kinara use mila nahi. . .?
Aate hi rehte hai zalzalein zindgiyon mein,
Kya aisa koi zalzala hai, Jo kabhi thama nahi?
Mil hi jayegi, manzil mujhe kisi din,
Bas ek ummeed aur hausla hi toh hai, jo abhi toota nahi...
*
*

7)Aaj ye dil keheta hai, tu ab laut chal
Guzarta nahin hai, mera koi bhi pal
Mujhko yahaan se le chal
aaj ye dil keheta hai,Tu ab laut chal
Woh manzil yahaan nahin milegi
jiski tujhe talash hai,
woh manzar yahaan nahin dikhega
Jo tere dil ke aas paas hai
milta nahin hai mujhe yahaan koi bhi hal,
Mujhko yahaan se le chal,
aaj ye dil keheta hai,tu ab laut chal
Waise log yahaan nahin hai,
jinko dhund raha hai tu,
yahan log waise nahin hai
Jinse jud raha hai tu,
Na banega yahan mere sapno ka mahal
Mujhko yahan se le chal
aaj ye dil keheta hai, tu ab laut chal
Alvida...


7)Jis aasma ki mujhe talaash thi,
Woh abhi mujhe mila nahi,
Takdeer ko jo mujhe dena tha,
Nahi diya,
Iska mujhe koi gila nahi,
Abhi laga hua hai nakaamyaabiyon ka silsila,
Manzil door hai aur rasta mujhe mila nahi. . .
Phans bhi jaati hai toofano mein kashtiyan,
Kya aisa bhi kabhi hua hai, Ki kinara use mila nahi. . .?
Aate hi rehte hai zalzalein zindgiyon mein,
Kya aisa koi zalzala hai, Jo kabhi thama nahi?
Mil hi jayegi, manzil mujhe kisi din,
Bas ek ummeed aur hausla hi toh hai,
jo abhi toota nahi...jo abhi toota nahi...jo abhi toota nahi..

8)असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो.
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्श का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम.
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

9)Vatan Ke Halat Jo Sunane Lagege,
To Pather Bhe Ashu Bhanne Lagege,
Jo Bheed Mein Kho Gayi Aadmiyat,
Usse Thondne Mein Jmane Lagege.

10)जलता हुआ पतंगा चीखा, जलता क्यूँ शमशान है
भारत की आज़ादी बोली, बेबस क्यूँ इंसान है

याद करो जवानी को वीरों की कुर्बानी को
जलता हुआ पतंगा थे यु.पी. थे दरभंगा थे
......सभी प्रान्तों का गुस्सा गोरो मैं भरा था भूसा
कहाँ गए शेखर-सुभाष कहाँ गए भगत-अशफाक

कहाँ गई है वो ज्वाला जो हर जिगर मैं होती है
भारत की आज़ादी क्यूँ अब फूट-फूट कर रोती है

क्या जवानी थी उनकी जो हंसकर फांसी चढ़ गए
चम्बल के डाकू थे सारे आज जो नेता बन गए
देशभक्ति के नाम पर जो देश लूट कर खाते है
संसद के हत्यारे भी अब देशभक्त कहलाते हैं

आतंकवाद फसलें जब से अपने खेतो मैं बूती हैं
भारत की आज़ादी क्यूँ अब फूट-फूट कर रोती है

चारों तरफ़ हिंसा भड़की मचा हुआ कोहराम है
कमरतोड़ महंगाई का उफना क्यों तूफ़ान है
रिश्वत लेते पकड़ा था जो रिश्वत देकर छूट चला
न्यायलय की चोखट पर भी सारा काला झूंट चला

नारी बेबस होकर के आज आस्मत खोती है
भारत की आज़ादी क्यूँ अब फूट-फूट कर रोती है

अभी बढाओ हाथ तुम कल न फ़िर ये पल होगा
परलय के आँचल में जीवन कैसा अपना कल होगा
कतरा-कतरा लहू बहाकर जो जवानी चिल्लाएगी
पुनर्जन्म होगा भारत का नई आज़ादी आएगी

शहीदों की कुर्बानी को व्यर्थ नही होने देंगे
भारत की आज़ादी को कभी नही रोने देंगे

भारत की आज़ादी को कभी नही रोने देंगे
bandemataram

11)@ Nice Thought:- Agar kisi per bharosa karo to akhir tak karo natija chahe jo bhi nikle akhir me ya to aapko 1 sacha pyar milega ya phir 1 accha sabak.

12)Waqt Bhi Sikhata Hai,
Or
Teacher Bhi..

Par Dono ke sikhane me Fark Hota Hai,

Teacher Sikha Kar Imthan Leta Hai Aur,

Waqt Imthan Lekar Sikhata Ha


13)"ईश्वर" का दिया कभी "अल्प" नहीं होता !
जो टूट जाये वो "संकल्प" नहीं होता !!
हार को लक्ष्य से दूर ही रखना !
क्यूंकि जीत का कोई "विकल्प" नहीं होता !


14) असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो.
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्श का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम.
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

15)आप के पास एक रुपया हें,
और मेरे पास भी एक रुपया हें,
अगर हम इनको बदल दे ,
आपका रुपया मेरे पास वह मेरा रुपया आपके पास
तो हम दोनों के पास एक एक रुपया ही होगा ,
लेकिन मेरे पास कोई अच्छा विचार हें...........
और आप के पास कोई अच्छा विचार हें
हम उनको आपस में बदल दे तो हम दोनों के पास दो अच्छे विचार हो जायंगे .........

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