Tuesday, October 4, 2011

64 साल से झूठे तर्क देकर कांग्रेस विदेशी कंपनियों को भारत बुला रही हैं| और आज हालत यह हो गई है कि 5000 विदेशी कंपनिया भारत में घुस चुकी हैं ।


जब कि इतिहास इस बात का गवा है । कि गल्ती से हमने एक ईस्ट इंडिया कंपनी को बुला लिया था और 250 के लिये अपनी आजादी गवा बैठे थे ।


फ़िर आजादी पाने के लिये (भगत,सिहं उधम सिहं , सुभाष चंद्र बोस, लाला लाजपत राय, विपिन चंद्र पाल,नाना सहिब पेश्व,) और ऐसे 7 लाख 32 हजार क्रतिंकरियो को अपना बलिदान देना पड़ा तब जाकर आजादी मिली ।

http://www.youtube.com/watch?v=uKNDernoIAk&feature=share
लिकेन आज तो 5000 विदेशी कंपनिया हो गई हैं । क्या ये हमारे देश कि आजादी के लिये दुबारा खतरा नहीं है ??

जब ये सवाल भारत सरकार से पूछा जाता हैं तो भारत सरकार विदेशी कंपनियों को भारत में बुलाने के लिये 4 तर्क देती हैं.
1) विदेशी कंपनिया पुजीं लाती है।
2) विदेशी कंपनिया तकनीकी लाती हैं
3) विदेशी कंपनिया ऐकस पोर्ट बढ़ाती है ।
4) विदेशी कंपनिया रोजगार बढ़ाती हैं |


ये 4 तर्क कितने झूठे हैं उनका पुरा खुलासा राजीव दिक्षित जी ने पुरे दस्तावेजो और सबूतो के साथ इस विडियो में किया हैं । कृपया पुस विडिशी देखें और इसे भारत के अंतिम आदमी व्यकित तक पहुँचाये । इस विडियो में आपको पताकिसे पिछले 64 साल से देश की लूट हमारे घर से हो रही हैं ।

इस विडियो तो देखने के बाद उन लोगो को भी सभी जवाब मिल जायेंगे जिनको बाबा रामदेव के स्वदेशी अंदोलन से परेशानी हैं|

जो अकसर सवाल करते है कि क्यों बाबा विदेशी कंपनियो के खिलाफ़ है ??
बाबा अपना समान बेच कया सबित करना चाहते हैं ? ?
वो व्यपारी हैं या सनयासी ? ?
ऐसे सैक्डों सवालो के जवाब आपको इस विडियो में मिल जायेंगे । और हमें आशा हैं इस विडियो को देखने के बाद आप हमरे जरुर सहमत होगें । और हमारे भारत स्वाभिमान अंदोलन में हमारे साथ जुड़ेगे और फ़िर मिल कर भारत माता की रक्षा करेंगे ।।

दुनिया के मेले में क्या नहीं बिकता ?


दुनिया के मेले में क्या नहीं बिकता ?

बात दो दिन पुरानी है मैं हमेशा की तरह अपने ऑफिस से घर पहुंचा सुबह के 6 बज रहे थे आप लोगों के मन में डाउट की बिल्ली म्याऊं म्याऊं करे उसके पहले ही बता दूँ मैं रात में वेबसाइट अपडेट करता हूँ और दिन में घोड़े बेचकर सोता हूँ.

खैर मैंने अख़बार उठाया और उसका स्पोर्ट पेज खोला उस पर एक खबर छपी थी 'फिर होगी खिलाडियों की नीलामी' मेरे लिए खबर नयी नहीं थी लेकिन मेरे अंतर्मन को यह बात खटक गयी.मैं उसी तल्लीनता से खबर पढ़े जा रहा था कि अचानक मैं चौंका मेरे बाजू में मेरा ही कोई हमशक्ल बैठा हुआ था.

मुझे कुछ डर महसूस हुआ मैं वहां से खिसका लेकिन यह क्या वो भी मेरे साथ - साथ ऐसे खिसका जैसे मेरे परछाई हो. मैं और डर गया.मैंने सोचा चलो यहाँ से उठकर ही चलना चाहिए और मैं वहां से उठा लेकिन यह क्या उसने मेरा हाथ पकड़कर ऐसा झटका दिया कि मैं यथास्थिति जा पंहुचा.
मैं कुछ बोलूं उसके पहले वही बोल पड़ा मुझसे भागकर कहाँ जाओगे मैं कोई इंसान नहीं जिससे डर कर भाग जाओगे मैं हूँ तुम्हारा अंतर्मन मेरे कुछ सवालों के जवाब दे दो फिर मैं खुद ही चला जाऊंगा.

मैंने कहा ठीक है बोलो.वह बोला यह बताओ दुनिया में इंसान भी बिकते हैं क्या ?मैंने कहाँ हाँ कभी कभी इंसान भी बिक जाया करते हैं .तो वह बोला तुम तो नहीं बिके अब तक .मैंने कहा कभी कभी नहीं भी बिकते हैं .

वह बोला अच्छा है फिर क्या - क्या बिकता है .मैंने कहा यह दुनिया एक मेला है और यहाँ सब कुछ बिकता है पहले लोग सब्जी भाजी बेचकर अपने काम चलाते थे , हीरे मोती बेचते थे , अनाज बेचते थे , बर्तन बेचते थे.लेकिन भैया यह पेट की भूख नहीं है (कुछ मजबूर लोगों को छोड़कर) लालच की भूख है जितनी बुझाने की कोशिश करो बढती जाती है और लोगों ने खून बेचना शुरू किया फिर किडनी , दिल और यहाँ तक कि अपना शरीर भी .लेकिन जब लगा कि टुकड़ों में बेचने से इतना फायदा तो क्यों ना पूरा का पूरा इंसान ही बेच दिया जाये और फिर बड़े बड़े अभनेता , अभिनेत्री, नेता आदि बिकने लगे .

जब सब बिकने लगे तो खिलाडी क्यों पीछे रहते वे भी बिकने लगा . मतलब सीधा सा है अब इंसान भी बिकने लगा है .मैंने अपनी बात खत्म करके जैसे उसकी ओर देखा वह मुझे अजीब सी नज़र से देख रहा था मुझे फेर डर लगा मैंने कहा - ए भाई ऐसे क्यों देख रहा है. वह जोर जोर से हंसा , मुझे और डर लगा मैंने फिर पूछा भाई बता दे मुझे बहुत डर लग रहा है वह बोला मैं इसलिए हंस रहा हूँ कि एक दिन तू भी बिक जायेगा.

मैं मुस्कुराया और बोला नहीं रे मैं एक आम आदमी हूँ और आम आदमी कि दुनिया में कोई कीमत नहीं .मैं नहीं बिकूंगा .उसने कुछ राहत कि सांस ली और बोला ठीक है अब मैं चलता हूँ लेकिन याद रखना यदि तू बिकने लगे तो मुझे पहले बाहर निकाल देना .और वहां से चला गया लेकिन मैं यही सोचता रहा कि जब मैं बिकूंगा तो इसे बाहर कैसे निकाल पाऊंगा......

Regards
Ravi Kasana
Manager-Technical
Delhi Transport Corporation
vill & Po- Jawli,Ghaziabad
mob-9716016510

Monday, October 3, 2011

* दो गज ज़मीन और खुला आसमान *

* दो गज ज़मीन और खुला आसमान *

एक आम आदमी
कुछ टूटे फूटे सपने लिए,
अपने घर से निकलता है.
यह सोचकर,
शायद कहीं उसे
अपने ख्वाबों की मंजिल मिले

गर्मियों की तेज़ धूप में
तन से बहता पसीना देख ,
सोचता है पेड़ की ठंडी छाँव में
कुछ शीतलता का अनुभव किया जाये
रुकता है पर
ख्याल आता है
मंजिल अभी दूर है
रुकना उचित नहीं.

फिर चल पड़ता है
जाड़ों की रुत
तन को कपाती है,
बारिश की बुँदे
चेहरे पर करती हैं प्रहार
फिर भी नहीं रोकता वह अपने कदम
बस चलता जाता है
उम्मीद के नए सबेरे की तलाश में.

चलते चलते बाल सफ़ेद हो जाते है
चेहरे पर झुर्रियां आ जाती हैं
और एक दिन जब देखता है तो
उसे नशीब क्या होता है
दो गज ज़मीन
और खुला आसमान

और फिर हँसता है
कहता है
वाह रे मालिक
सिर्फ इसके लिए
इंसान इतनी लम्बी यात्रा करता है.

और स्वामी जी ने आँखों में मिर्च डाल ली


....और स्वामी जी ने आँखों में मिर्च डाल ली


बचपन में सभी से पूछा करते थे -"क्या आपने भगवान को देखा है ?"अपनी जिज्ञाषा जब तक शांत नहीं हुई वे इसी प्रश्न को पकडे रहे और एक दिन जब स्वामी रामकृष्ण परमहंस से उनका सामना हुआ और उन्होंने कहा की हाँ मैंने भगवान को देखा है बिल्कुल ऐसे ही जैसे तुम्हे देख रहा हूँ .तब कहीं जाकर उनके मन की जिज्ञाषा शांत हुई .वे कोई और नहीं जन जन के आदर्श स्वामी विवेकनद ही थे .

उनके जीवन का एक वृतांत और मुझे याद आ रहा है जो कभी मेरे गुरूजी ने मुझे सुनाया था उसे भी आप लोगों से बांटता हूँ .स्वामी विवेकानंद हमेशा सादगी में जीवन जीना पसंद करते थे वे किसी भी महिला को बुरी नज़र से नहीं देखा करते थे , एक दिन उनके पड़ोसी के यहाँ कोई लड़की आई और स्वामी जी की नज़रें उस पर पड़ गईं और उनके मन में हल्की सी हलचल पैदा हुई इससे पहले की उनके मन में कोई और ख्याल आता वे अपने रसोई घर में गए और अपनी आँखों में लाल मिर्च डाल ली यह कहते हुए की सारा कुसूर इन्ही आँखों का है न ये देखती और न मेरे मन में कोई बुरा विचार आता.

कुछ ऐसा था स्वामी जी का व्यक्तित्व जो की आज जन जन को यही सन्देश देता है की यदि आपने किसी का कार्य को करने का ठान लिया है तो उसे पूरा करे बगैर रुको मत और सादगी के साथ अपने जीवन को व्यतीत करो कभी किसी की और बुरी नज़र से मत देखो क्योकि बुरे की शुरुआत नज़र से ही होती और अच्छाई मार्ग भी नज़रें ही है.

इसलिए अपनी नज़रों को अच्छे दृश्यों की ओर ले जाये और बुराई से बचाए. 12 जनवरी को स्वामी जी का जन्मदिवस युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है इस दिन हर युवा को शपथ लेना चाहिए की वह स्वामी जी के सपने "बसुधैव कुटुम्बकम" को पूरा करने का संकल्प ले.स्वामी जी के विचार जन जन तक पहुचाये.

Regards
Ravi Kasana
Manager-Technical
Delhi Transport Corporation
Vill & Po-Jawli,Ghaziabad
Mob-9716016510

सोनियाजी सोनियाजी राहुल बाबा कब व्याह रचाएंगे,


एक दिन मनमोहनजी के मन में ख्याल आया,
जाकर उन्होंने सोनिया जी से यूँ फ़रमायाA
सोनियाजी सोनियाजी राहुल बाबा कब व्याह रचाएंगे,
या फिर कंवारे रहकर ही जिंदगी बिताएंगेA

और नहीं तो क्या अग्नि के सात फेरे लगायेंगे,
या फिर राजीवजी की तरह विदेशी मेम लायेंगेA

सुनते ही झाल्लायीं सोनियाजी बोली चुप रहिये आप
जब देखो करते रहते हो फालतू बकवास A

अगर राहुल बेटा कंवारा ही रहेगा,
तो गाँधी परिवार विकास कैसे करेगाA

और अगर बाबा विदेशी मेंम लायेंगे.
लोग फिर विदेशी मूल का मुद्दा उठाएंगेA

हम तो बाबा के लिए भारतीय बाला लायेंगे,
और उसे देश का प्रधानमंत्री बनायेंगेA

सुनकर मनमोहनजी सुन्न रह गए,
जैसे सारे अरमान पानी में बह गएA

उस दिन उन्हें ये हो गया एहसास
राजनीति में कोई किसी का नहीं है खास.

बोले सोनियाजी अब मैं चलता हूँ ,
बाबा के लिए कोई भारतीय बाला तलाश करता हूँA

उसके बाद से मनमोहनजी की तलाश जारी है
और साथ में सन्यास लेने की भी तयारी हैA

मुसाफिर: राहों से मंजिल तक का सफ़र |


मुसाफिर: राहों से मंजिल तक का सफ़र |




घर से निकला एक मुसाफिर ,
दूर चला कुछ और गया गिर,
फिर भी उठकर चला बावला
रुकता है वह कहाँ पे आखिर|


दूर अभी है उसकी मंजिल,
राहें उसकी बड़ी हैं मुश्किल,
हर हाल में उसको चलते जाना ,
करना है मंजिल को हासिल |


पत्थर कोई राह में आया,
दी ठोकर और उसे गिराया,
काँटों ने तो ज़ख्म दिए ही
फूलों ने भी उसे सताया |


कोई नहीं है उसका साथी,
ये दूल्हा है बिन बाराती,
अपनी मंजिल चला है पाने,
जो इसकी दुल्हन कहलाती |


उसका देखा ऐसे गिरना,
और अचानक उसे संभलना,
अपनी मंजिल की राहों पर,
गिरना उठाना आगे बढ़ना |


मै रह सका न यह पूछे बिन,
क्यों चलता है तू यूँ रात दिन,
दिन क्यों जीये ऐसे चलकर,
रातें क्यों काटे तारे गिन |


क्यों सर्दी में रहे ठिठुरता,
क्यों गर्मी में रहता तपता,
अपनी मंजिल की धुन में यूँ,
क्यों बारिश में रहे भीगता |


मेरे प्रश्नों को वह सुनकर,
बोला मन ही मन कुछ गुनकर,
सच करना है उनको भाई,
जो रखे हैं मैंने सपने बुनकर |


सर्दी गर्मी धुप छाँव ये,
मेरे लिए क्या नगर गाँव ये,
अपने साहिल पर जाऊंगा,
ले जाएगी समय नाव ये |


दूर अभी है मंजिल मेरी,
लग जाये कितनी ही देरी,
चाहे सुख की सुबह संग हो,
या फिर दुःख की रात अँधेरी |


सदा चलूँगा यूँ ही तन्हा,
कष्ट मिलेंगे हर एक लम्हा,
नहीं रुकूँगा कभी मैं भाई,
लव पर ख़ुशी हो आँखे नाम या |


इतना यकीं है मुझको सारंग,
मेहनत लाएगी मेरी रंग,
अपनी मेहनत से मंजिल पा,
कर दूंगा एक दिन सबको दंग |


दिन पश्चात् शाम आती है,
शाम अँधेरी रात लाती है,
उस अंधियारी रात बाद ही,
सुबह की शुरुआत आती है |


समय चक्र है चलता रहता,
हर पल रूप बदलता रहता,
मंजिल निश्चित पाता है वह,
जो अपनी राहों पर चलता रहता |


बोल रहा था वही मुसाफिर,
मैं सुन रहा था ध्यान लगाकर,
वीर वही है इस दुनिया में,
संभल जाये जो ठोकर खाकर |


पत्थर कर पायें क्या उसका,
पर्वत भी दे जाएँ रास्ता ,
राहें खुद बनती हैं सारथी,
जिसके मन विश्वास है पलता |


अभी अगर ये बुरा समय है,
फिर भी मन मेरा निर्भय है,
बस मन ये विश्वास लिए हूँ,
इक दिन होनी मेरी जय है |


हार कभी न मै मानूंगा,
इस पथ पर चलता जाऊंगा,
आत्म विश्वास के बलबूते पर,
निश्चित मंजिल मैं पाउँगा |


गर इक छोटी सी ठोकर से,
रुक जाऊं ज़ख्मों के डर से,
पा न सकूँगा कभी भी मंजिल,
मोह रखूं जो अपने घर से |


ये दुनिया तो बहुत बड़ी है,
ज़ख्मो के कांटे लिए खड़ी है,
पर गुलाब की तरह है ये,
काँटों संग ही पुष्प लड़ी है |


लोगों ने मुझको बहकाया,
परिवार का मोह दिखाया,
बोले कष्ट न सह पायेगी,
इन राहों पर तेरी काया |


मैंने बात सुनी हर जन की,
परवाह न की कोई उलझन की,
कदम उठाया इन राहों पर,
सुनकर बस आवाजें मन की |


चला हूँ अपनी मंजिल पाने,
कमज़ोर ज़माने को दिखलाने,
मुझको बहकाने वाले ये,
मेरी भी हस्ति पहचाने |


आगे बोला सुनो सुहानी,
महाभारत की इक कहानी,
मैंने जिसको कभी पढ़ा और,
पढ़कर लक्ष्य की महिमा जानी |

गुरु द्रोण देते थे शिक्षा,
इक दिन में आई इच्छा ,
क्यों न आयोजित कर लें वो,
अपने शिष्यों की एक परीक्षा |


एक तोते का खिलौना लाकर,
वृक्ष डाल पर उसे बिठाकर ,
सब शिष्यों को पास बुलाया,
और कहा उनको समझाकर |


शुक नेत्र को लक्ष्य बनाना,
और ज़मीन पर उसे गिराना,
पर अनुमति न दूँ मै जब तक,
कोई भी न तीर चलाना |


तैयार हुए सब लेके चाप सर,
तब गुरुवर बोले मुस्काकर,
जो कुछ सबको पड़े दिखाई,
कहो यहाँ पर इक इक आकर |


सबसे पहले आये युधिष्ठर,
बोले गुरु को शीश नवाकर,
दीखते है मुझको शुक, चाप, सर
वृक्ष बन्धु और आप गुरुवर|


बोला गुरु ना बाण चलाओ,
अपने स्थान पर वापस जाओ,
अगले शिष्य तुम सामने आओ,
आकर जो पूछा वो बताओ |


दुर्योधन ,भीम नकुल सब आये,
आकर सबने हाल सुनाये,
लेकिन किसी की भी बातें सुन,
गुरुदेव जी ना हर्षाये |


अंत में अर्जुन सामने आकर,
बोला अपना शीश झुकाकर ,
मुझको जो देता है दिखाई,
वो है शुक नेत्र बस गुरुवर |


अर्जुन से हर्षित हो गुरुवर,
बोले अर्जुन छोडो तुम सर,
अर्जुन ने ज्यों ही तीर चलाया,
तोता गिरा ज़मीं पर आकर |


लक्ष्य हो जिसका अर्जुन जैसा,
फिर बोलो उसको भय कैसा,
हार कभी ना उसकी होती,
है हर लक्ष्य उसे जय जैसा |


आगे कहता गया मुसाफिर,
खाई मैंने कितनी ठोकर,
फिर भी विश्वास लिए चलता हूँ,
लौटूंगा मंजिल का होकर |


मैंने कहा तू चलता जा रे,
तेरे संग है मेरी दुआ रे,
इक दिन इन राहों पर चलते,
तू तो अपनी मंजिल पा रे |


अब उसने ली मुझसे बिदाई,
आगे को बढ़ चला वो राही,
कुछ ही दूर चला बेचारा,
फिर से कोई ठोकर खाई |


पर फिर भी ना हिम्मत हारी,
फिर से लगा दी शक्ति सारी,
आखिर अंत में चलते चलते,
तय कर ली उसने राहें सारी |


पाई उसने सुबह की लाली,
आई जीवन में खुशहाली,
कुछ ही लम्हों बाद सुना ये ,
उस राही ने मंजिल पाली |


गर पाना है सच में मंजिल,
तो फिर करो ना लक्ष्य को ओझल,
आशा की सारी कलियों को ,
विश्वास का तुम देते जाओ जल

हे युवा शक्ति जागो-जागो, भारत माँ है अब रही पुकार

हे युवा शक्ति जागो-जागो, भारत माँ है अब रही पुकार
एक आग जला लो सीने में ,कुछ सांसों में गर्मी भर लो,
कुछ संकल्प विचारों से अपने मन को निर्भय कर लो |

ये वक़्त नहीं थक कर थम आराम कहीं पर करने का,
ये वक़्त है आंधी तूफां बन दुनिया में आगे बढ़ने का |

स्वार्थ सिद्धि में लिप्त ये नेता भूल चुके हैं जनता को,
लूट रहे हैं हम सबको और भारत माँ की ममता को |

आगे बढ़कर हमको अब सबक इन्हें सिखलाना है,
बहुत सह लिया अब ना सहेंगें इनको ये बतलाना है |

क्या देश था अपना, अब क्या है, और ना जाने क्या होगा,
आओ उतार फेंके हम ,है ओढ़ा भ्रष्टाचार का जो चोगा |

हे युवा शक्ति जागो-जागो, भारत माँ है अब रही पुकार,
काँप उठें ये भ्रष्टाचारी अब कुछ ऐसी भरो हुंकार

दोस्ती


दोस्ती,
एक फूल है जो,
खिलता है प्रेम और
निष्ठां की बेलों में,

जिन्हें सींचा जाता है
विश्वास के जल से

जब तक प्रेम और निष्ठां की ,
इन लताओं को ,
विश्वास का जल मिलता रहेगा,
दोस्ती का फूल हमेशा खिलता रहेगा,

लेकिन ,

जैसे ही इन लताओं को ,
विश्वास का जल मिलना बंद हो जायेगा
दोस्ती का फूल मुरझा जायेगा ,

और एक दिन
सूखकर ,टूटकर
जमीन पर गिरकर ,
खाक में मिल जायेगा |

बच्चों से सहयोग मांगने में माँ बाप को संकोच क्यों ?


बच्चों से सहयोग मांगने में माँ बाप को संकोच क्यों ?
एक समय था जब हम बच्चे हुआ करते थे और हमें किसी भी चीज़ की ज़रूरत होती थी तो हम अपने माँ बाप से जिद करने लगते थे ,और हमारी ख़ुशी के लिए वे हमारी हर जिद को पूरा करने का हमेशा प्रयास किया करते थे चाहे वे चीजें कितनी ही महंगी क्यों ना हों लेकिन वह उन्हें हमारी ख़ुशी के आगे सस्ती ही नज़र आती थीं ,और आज भी वे हमारी हर ख़ुशी का ख्याल रखते हैं ठीक उसी तरह जिस तरह हमारे बचपन में रखा करते थे ,हमारी जिद के आगे आज भी वे कहीं ना कहीं झुक जाया करते हैं, लेकिन आज एक प्रश्न ने मुझे झकझोर कर रख दिया है प्रश्न यह है कि हमारी हर जिद को पूरा करने वाले हमारे माँ बाप आज अपनी किसी ज़रूरत के लिए भी हमसे उम्मीद रखने में क्यों झिझकते हैं आखिर क्या कारण है कि जिन बच्चों ने उनकी उंगली पकड़ कर चलना सीखा,उनके ही बल बूते पर आज अपने पैरों पर खड़े हुए और आज उन्हीं बच्चों से पल भर का सहारा लेने में भी वे संकोच करते हैं ,शायद इसलिए कि समय के साथ साथ समाज कि प्रकृति भी बदल गयी है ,समाज में कुछ ऐसे तत्त्व भी मौजूद है जिन्होंने कभी अपने माँ बाप के एहसानों को समझा ही नहीं और उनके अरमानों को हमेशा रौंदते चले गए कभी दौलत के नशे में , कभी औरत के चक्कर में,तो कभी सोहरत के फेर में |


ये चंद तत्त्व मछली वाली उस कहावत को सच सावित करते हैं जिसमे कि एक मछली सारे तालाब को गन्दा कर देती है | यही कारण है कि आज माँ बाप अपने बच्चों से सहयोग लेने में परहेज़ करते हैं | जब कभी वैलेंटाइन्स डे आता है रोज़ डे आता है सारा युवा वर्ग पागल हो जाता है ,बाज़ार साज़ जाते हैं अपने प्रेमी प्रेयसी को देने के लिए तरह तरह के गिफ्ट ख़रीदे जाने लगते हैं और बहुत ही धूम धाम से इन दिनों को मनाया जाता है लेकिन मदर्स डे ,फादर्स डे कब आता कब चला जाता है किसी को पता ही नहीं चलता क्योंकि आज का युवा सिर्फ भोग विलास की जिंदगी में मशगूल हो गया है माँ बाप के प्रति भी उसके कुछ फ़र्ज़ हैं यह आज का युवा भूल चुका है उसे नज़र आती है तो सिर्फ दुनिया कि चकाचौंध, इतना ही कुछ लोग तो ऐसे भी हैं जो इस चकाचौंध में इतने अंधे हो चुके हैं कि अपने माँ बाप को किसी से मिलवाने में भी शर्म मह्शूश करते हैं भूल जाते हैं कि ये वही माँ बाप हैं जिन्होंने आज उन्हें दुनिया में सर उठाकर चलने लायक बनाया है |जो अपने प्रेमी प्रेयसी को महंगे से महंगा तोहफा दे सकते हैं वही अपने माँ बाप को सौ रूपये का सॉल खरीदते समय अपने पर्स को खाली सा मह्शूश करते हैं |

ज़रा सोचिये दुनिया में ऐसी कौनसी दौलत है जो हमारे माँ बाप से बड़ी है जब उन्होंने किसी दौलत को हमसे बड़ा नहीं समझा तो हम क्यों आज वक़्त के साथ इतने बदल गए कि अपने ही माँ बाप के लिए पराये हो गए ,जिस तरह उन्होंने हमारे लिए अपना हर फ़र्ज़ निभाया वैसे ही हमारा भी फ़र्ज़ बनता है कि हम भी उनकी इच्छों का सम्मान करे उनके हर अरमान को अपना खुद का अरमान बनालें और झुठला दे एक मछली सारे तालाब....वाली कहावत को | ताकि हमारे माँ बाप सर उठा कर कह सकें कि हम ....के माँ बाप हैं |

कमर तोड़ती महंगाई

कमर तोड़ती महंगाई
अपने पथ पर नए नए आयाम जोडती महंगाई,
चल पड़ी है अच्छे अच्छों की भी कमर तोड़ती महंगाई |

रसोई में अम्मा रोती है सब्जी आज बनाऊं क्या,
झुंझला उठते हैं अब बाबा रोज़ रोज़ मैं लाऊं क्या |

सब्जी मंडी लाल है जैसे, आटे दाल भी महंगे हैं ,
महंगी है गैस रसोई की, और महंगे नेकर, लहंगे हैं |

बिजली महंगी, दूध है महंगा, महंगा अब तो पानी है,
चांदी महंगी , सोना महंगा, महंगी प्रेम निशानी है |

वाहन पर चलने से पहले अपना जेब टटोलते हैं,
चाय की प्याली लेने में भी जैसे ह्रदय डोलते हैं |

माथे पर बल पड़ते हैं बच्चों की फीस चुकाने में,
सारा वेतन जाता है अब पुस्तक बस्ता लाने में |

आम आदमी के जीवन का, जैसे हर पल महंगा है,
आज है महंगा अब है महंगा और फिर कल भी महंगा है |

सुबह से लेकर शाम तलक, जो भी कमाई होती है,
एक दिवस की मुश्किल से, उससे भरपाई होती है |

सारे सपने महंगाई की मार में दबकर चूर हुए,
टूटे फूटे सपनों के संग, जीने को मजबूर हुए

आम आदमी

आम आदमी
मुझको ना समझो मामूली,
मैं तो हूं एक आम आदमी,
मैंने काम किये हैं सारे,
समझो ना नाकाम आदमी |

बड़े बड़े जो सेठ खड़े हैं ,
तान के अपना पेट चले हैं.
उनसे पूछो बने वो कैसे,
वो हैं मेरे परिणाम आदमी |

सिंहासन पर जो बैठा है,
सत्ता मद में जो ऐंठा है,
मैंने ही है उन्हें बनाया ,
बिन मेरे वो बेदाम आदमी |

हो कहीं कतार राशन की,
या हो कहीं भीड़ भाषण की,
दंगल में जंगल में सब में,
भटकता मैं परेशान आदमी |

मुझसे बनी है सारी सृष्टी
मेरे बिना क्या किसकी हस्ती,
मुझे भीड़ में सभी है गिनते ,
फिर भी खुश हूं मैं आम आदमी|

मुझमे एक कमी है भारी,
मैं खुद हूं अपनी लाचारी,
औरो को मैं बनाने वाला ,
पर खुद से अंजान आदमी |

हाय पैसा .....


हाय पैसा .....



हाय पैसा हाय पैसा
क्या क्या नाच नचाये पैसा |
इसको पाने सब हैं पागल
जाने ये क्या चीज़ है पैसा ||

जिसके पास जमा है पैसा,
उसके घर ही आये पैसा |
जिसके पास नहीं है पैसा,
उससे दूर ही जाये पैसा ||

बड़े बड़े महलों में जाकर,
हमने कुछ देखा है ऐसा |
बाबु खूब कमाए पैसा,
अम्मा खूब उड़ाए पैसा ||

झोपड़ियों में देखा जब तो ,
मंज़र कुछ पाया है ऐसा,
कमा रहा है सारा कुनबा,
फिर भी हर शय भूखे जैसा ||

बड़े बड़े बाज़ार सजे हैं ,
जिनको खूब लुभाए पैसा |
और पान की गुमठी की भी,
खासी शान बढ़ाये पैसा ||

कोई नहीं ये अब तक जाना,
क्या है चीज़ क़यामत पैसा,
है ग़रीब की रोटी पैसा ,
है अमीर की चाहत पैसा ||

क्या हैं ये धातु के टुकड़े,
और है क्या ये काग़ज़ जैसा |
जिसके बिना ना कुछ भी चलता,
लोग जिसे कहते हैं पैसा ||

Regards
Ravi Kasana
manager-technical
Delhi Transport Corporation
Vill & Po-Jawli,Ghaziabad
mob-9716016510

बाबा का संग्राम



तम्बू गाढ़ के जब दिल्ली में, बैठ गए थे बाबा|
कांप उठी पीएम की कुर्सी, राज काज थर्राया ||

पहले तो प्रलोभन देकर, बाबा को चाहा फ़साना|
पर जब ना माने तो शासन ने, बुन लिया ताना बाना||

आधी रात गए सेना ने, ऐसा कहर था ढाया|
जिसे देखकर जलिया वाला, कांड भी था शर्माया ||

औरत के वस्त्रों में छुपकर, बाबा वहां से भागे|
हर शख्स ने सोचा, जाने अब क्या होगा आगे ||

बाबा पर प्रतिबन्ध लगाया, ना दिल्ली में आयें |
दिल्ली से बाहर ही रहकर, अपना योग सिखाएं ||

जैसे ही प्रतिबन्ध हटा बाबा फिर दिल्ली आये|
पहले मिले समर्थक से, फिर शासन पर गुर्राए ||

बोले यह सरकार, जो पहले है भ्रष्टाचारी|
अब तो और भी खतरनाक है, बन गई अत्याचारी ||

लेकिन ना मैं डरा था पहले, ना ही कभी डरूंगा|
भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े, हर शख्स के साथ लडूंगा ||


2.चली हजारे की आंधी,
फिर रामदेव ने किया प्रहार.

कुछ ना बना तो सत्याग्रह पर,
करने लगी ज़ुल्म सरकार,

जो भी हो पर देख के सबकुछ,
इतना हम कह सकते हैं,

देखके जागती जनता को, .
ज्यों काँप उठा है भ्रष्टाचार

Sunday, October 2, 2011

Indira Gandhi -The Lady Behind the Killing of cows



इंदिरा गांधी को एक संत ने श्राप दे
दिया था.और वो सच हुआ था !
1966
के समय में एक़ संत थे
क्रपात्री जी महाराज।
इंद्रा ग़ांधी उन्ही के कारण चुनाव
जीती थी|

इंद्रा ग़ांधी ने उनसे वादा किया था चुनाव जीतने पर गाय
हत्या बंद करवा देगीं. तब रोज
कि 15000 गाय कत्ल
की जाती थी
Ab 26000 kati jat i
hai चुनाव जितने के बाद इंद्रा ग़ांधी ने धोखा दीया । क्रपात्री जी ने एक
दिन लाखो भगतो के सथ संसद
क़ा घिराव कर दिया| की गाय के
कतल खाने बंद होगे इसके लिये
बिल पास करो


लिकेन इंद्रा गांधी ने उन पर भगतो के उपर गोलिया चल तब
क्र्पात्री जे ने उन्हे श्राप दे
दिया की जिस तरह
तुमने इन पर गोलिया चलवाई है
उसी तरह तुम मारी जाओ गी.
और (ये अजीब इत्फ़ाक हैं.)जिस दिन इंद्रा गांधी ने
गोलिया चलवाई थी उस दिन
गोपा अष्टमी थी. (गाय के
पूजा का सब्से बड़ा दिन) और जिस
दिन इंद्रा गांधी को गोली मरी गई
उस दिन भी गोपा अष्टमी थी
http://www.youtube.com/watch?v=hhm7dty8NGM&feature=share

Regards
RAvi KAsana
Manager-Technical
Delhi Transport Corporation
Vill & Po- Jawli,Ghaziabad
Mob-9716016510

Friday, September 30, 2011

Who is SONIA GANDHI?


Who is SONIA GANDHI? ( Every Indian Should Know This )
Who is Sonia Gandhi:
Ther...e is officially no Sonia Gandhi. Her real name in passport is neither Gandhi nor Sonia. Its Edvige Antonia Albina Maino. Sonia is a Russian name and not italian. However, Antonia is an italian name and her passport is italian. Though she has married Rajiv Gandhi* she never accepted change of title officially. ( recall the time of turmoil in indian politics when Sonia Gandhi was trying to be the prime minister, but ultimately ManMohan Singh became her toy)

*Rajiv Gandhi: Actually Rajiv Khan being the son of Firoz Khan and Indira Priyadarshani. Gandhi is an assumed title to sentimentally lure indians for their political benefit. They are muslims by religion.

Father:
Stefano Eugene Maino is socially the father of Sonia. Her father was a German(hitlers army). When Hitlers army went to russia they were captured and imprisoned. He was captured near St. Petersburgh and was imprisoned for 20 years. But he became a member of KGB and his imprisonment was limited to 4 years. When he came back from prison he gave russian name to his daughters. Social father because when she was born her father was in jail for 4 years. Biological father is unconfirmed.
Mother:
Paula Maino.
Family:
She had 2 sistersin Orbassano, italy
Birthplace
Sonia claims she was born in Besano, near Turin in italy. However, as per her birth certificate, She is actually born is Luciana, in the borders of Switzerland. A resort town for German soldiers during war.
Education:
She initially put forward to Indian Govt. that she studied in Cambridge University which proved to be fake. She submitted an affidavit that she studied english in Bell Education trust at Cambridge. Even this was proven to be fake and was found she never got any education after class five. She was a young girl with no formal education living five years in england. How did she support her livelihood for 5 years? Any wild guesses?
Citizenship:
She has not given off her italian citizenship. Indira Gandhi used her power to issue her an Indian Citizenship so that she can join Indian politics. She is holding an illegal citizenship in India. No action is being taken by Home Minister.
Religion:
Cristianity.
Bank Balance:
Rajiv Gandhi and his family owned 2 billion USD in Swiss Bank as of November,1991. Benefitiary of death of Indira Gandhi and Rajiv Gandhi was Sonia Gandhi.
Family:
Sonia's sister Alexandria(or Anuska) has 2 shops in Italy selling antiques stolen from India. Sonia used her power to smuggle indian artifacts through Air India flights uninspected.
Sonia's son Rahul Gandhi, whose real name is Raul Vinci. He got admitted to Harvard in quota but was thrown off soon because he was incompetant. He has italian citizenship since his mother never gave up her citizenship. He cannot officially become the citizen of india or any politician in india as long as he doesnt give up his italian citizenship. Arrested in Boston airport for carrying 160,000 dollars cash, accompanied by Veronique (spanish). veronique is the daughter of Drug mafia leader. Rahul has also been accused for gang raping Sukanya Devi, whose petition to all courts in India have been rejected due to their political hold and the whereabouts of the family is unknown. However, the information is widely available online.

**********Friends PLEASE DO SHARE this information with the people because only general awareness can cure this nation and the corrupt government will never reveal the truth ************

Thursday, September 29, 2011

भगत सिहं क़ी आख़िरी इच्छा जो आजतक पुरी नहीं हुई !!


Shaheed Bhagat Singh

भगत सिहं क़ी आख़िरी इच्छा जो आजतक पुरी नहीं हुई । 1857 से पहले भारत में अंग्रेजो की पुलिस नहीं थी ।सेना हुआ करती थे |


और अगर आप लोगो को पता हो 10 मई 1857 को भारत में क्रांति हो गई थी.

उस समय के जो महान क्रन्तिकारी थे , उनका नाम था. नाना साहब,तात्याँ टोपे, Dhansingh Kotwal आदि. इन्होने 7 लाख 32 हजार युवको की फ़ौज बनाई थी |

और 10 मई 1857 को क्रांति करने का दिन चुना | उन्होंने 1 ही दिन में 2.लाख 50 हजार अंग्रेजो को काट डाला अंग्रेज भाग खड़े हुए |

उसके लगभग 1 साल बाद अंग्रेजो ने भारत के कुछ गद्दार राजाओ के साथ मिल फ़िर से वपिस आने की योजना बनाई. जिसमे

(कैपट्न अमरिंद्र सिहं ज़ो पंजाब के कांग्रेस की सीट पर मुख्य मत्रीं का चुनाव लड़्ते है जो काफ़ी बार मुख्य मत्रीं भी रह चुके हैं.)

उसके दादा पटियाला के नवाब के साथ मिल कर 1857 के क्रंतिकरियो का क़त्ल करवाया और दुबारा भारत में अंग्रेजों को घुसाया गया !

अंग्रेजो ने दुबारा जब भारत में प्रवेश किया तो सोचा की कही दुबारा क्रांति ना हो जाये. इसके लिए उन्होने इंडियन पुलिस एक्ट INDIAN POLICE ACT

और हम पर अत्याचार करने के लिए 34735 चौंतीस हज़ार सात सो पेंतीस कानून बनाये गए जिसमे की पुलिस के हाथ में लाठी और डंडे
हथियार सौंप दिए गए और ये सभी अधिकार उन्हें मिल गए,

की के अंग्रेजो की पुलिस क्रांतिकारियों पर जितने चाहे मर्जी डडें मारे. लठियो से पिटे कोई कुछ नहीं कर सकता और अगर किसी क्रन्तिकारी ने

अपने बचाव के लिये उसकी लाठी पकड़्ने की कोशिश मात्र भी की तो क्रांतिकारियों पर मुकदमा चलेगा |

बात उस समय की है की जब इन कानूनों को बढ़ावा देने के लिए SIMON COMMISSION भारत आ रहा था और उसका बहिष्कार करने के लिए

क्रन्तिकारी लाला लाजपत राय जी आन्दोलन कर रहे थे वो शांतिपूर्वक तरीके से आन्दोलन कर रहे थे तभी एक अंग्रेज अधिकारी जिसका नाम J.P. Saunders जे.पी. सॉन्डर्स था उसने लाला जी पर लाठियां

बरसानी शुरू कर दी और जानबूझकर उसने लाला जी के सर पे लाठियां मारी 1 लाठी मारी 2 मारी 3 मारी 4 मारी 5 , 10 ऐसे करते करते उस दुष्ट ने लाला जी पर 14 लाठियां मारी खून बहने लगा ! और उनकी मृत्यु हो गई !


अब कानून के हिसाब से सॉन्डर्स क़ो सज़ा मिलनी चाहिए इसके लिये भगत सिहं ने पुलिस में शिकायत दर्ज की. मामला अदालत तक गया वहां भगत सिहं ने सफ़ाई दी |

लाठिया कमर के नीचे तक मारी जा सकती लेकिन लाला जी के सर पर लाठियां क्यों मारी गयी | जिससे उनकी मौत हुई, अदालात ने उनका तर्क नहीं माना और अदालत ने कहा सॉन्डर्स ने जो किया वो तो कानून में हैं ! उसने कोई कानून नहीं तोड़ा. इसलिये उसको बरी किया जाता है

और सॉन्डर्स बरी हो गया भगत सिहं को गुस्सा आया | उसने कहा जिस अंग्रेजी न्याय व्यवस्था ने लाला जी को इन्साफ़ नहीं दिया |
और सॉन्डर्स को छोड़ दिया | उसको सज़ा मैं दूंगा और सॉन्डर्स को वहीं पहुंचाउंगा जहाँ इसने लाला जी को पहुँचाया है | और भगत सिहं ने सॉन्डर्स को गोली से उड़ा दिया |

जब भगत सिहं को फ़ासीं होने वाली थी तो उससे कुछ दिन पहले वो लाहौर की जेल में बंद थे | तब कुछ पत्रकार उनसे मिलने जाया करते थे |
तब एक पत्रकार ने भगत सिहं से पुछा आपका देश के युवको के नाम संदेश | तब भगत सिहं कहा की मैं तो फ़ासीं चढ़ रहा हूँ | लीकेन देश के नोजवानो को कहना चाहता हूँ |

जिस इंडियन पुलिस एक्ट INDIAN POLICE ACT अंग्रेजों द्वारा बनाये गए कानून के कारण लाला जी हत्या हुई | और जिसके कारण मैं फ़ासीं चढ़ रहा हूँ.,
देश नोजावानो को कहना चाहता हूँ. कि आजादी मिलने से पहले पहले किसी भी हालत में इस इंडियन पुलिस एक्ट INDIAN POLICE ACT को खत्म करवा देना |

यही मेरी दिली इच्छा हैं | मेरे देश के प्रति मेरी भावना हैं|

लेकिन आज तक वोही कानून आज तक चल रहे हैं कितने शर्म की बात है. आजादी के 64 साल बाद भी इस इंडियन पुलिस एक्ट INDIAN POLICE ACT को खत्म नहीं किया गया |

आज भी आप अकसर सुनंते हो पुलिस ने लाठी चार्ज किया | कभी किसाने के उपर जो अपनी जमीन माँग रहे होते हैं| कभी ग़रीब लोगो के उपर जो अपना हक़ मांग रहे हैं |

सबसे ताजी घटना तो 4 जून 2011 की काली रात है जहाँ बड़े ही शांतिप्रिय तरीके से स्वामी रामदेव जी विदेशों में जमा काले धन को देश में वापस लाने के लिए और इस भ्रष्ट व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए अपने सहयोगियों के साथ आन्दोलन कर रहे थे |

और बड़े शर्म की बात है की दिल्ली पुलिस ने रात के लगभग 1 बजे सोते हुए मासूम लोगों पर बच्चों पर महिलाओं पर साधुसंतों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी पता नहीं कितने लोगो के हड्डियाँ टुटी और घायल हो गये |

इसी घटना में बहन राजबाला जी पुलिस की इस बर्बरता की शिकार हो गई और पुलिस ने उनपर जम कर लाठियां बरसाईं 26 सितम्बर 2011

सोमवार को उनका देहांत हो गया पुलिस की लाठियों का शिकार होकर बहन राजबाला वेंटिलेटर पर थी और उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए

क्या यही है हमारा कानून क्या यही न्याय है ! क्यों ऐसा हुआ 04 जून को ये सब इसलिए हुआ की आज भी अंग्रेजों द्वारा बनाये गए कानून का

इस्तेमाल ये काले अंग्रेज मासूम लोगों पर कर रहे हैं और आज भी इनके हाथों में लाठियां हैं क्योंकि आज भी 1860 में बनाया गया इंडियन पुलिस एक्ट INDIAN POLICE एक्ट आज वैसा का वैसा ही इस देश में चल रहा है !


और ये काले अंग्रेज हम पर अन्याय कर रहे हैं ! और यह केवल 1 कानून नहीं ऐसे पुरे के पुरे 34735 चौंतीस हज़ार सात सो पेंतीस अंग्रेजों के कानून जो अंग्रेजो ने भारत को गुलाम बनाने के लिये बानाये थे| आज भी वैसा ही चल रहा है |

भगत सिहं की आखरी इच्छा आज तक पूरी नहीं हुई | पता नहीं हर साल हम किस मुहं से उसका जन्म दिवस मनाते हैं| पता नहीं किस मुहं से 23 मार्च को उसको श्रध्दाजलि अर्पित करते हैं| जिस क्रूर अंग्रेजों द्वारा बनाये गए कानून के कारण लाला जी की जान गयी|

जिस कानून के कारन भगत सिहं फांसी पर चढ्या गया | और आजादी के 64 साल बाद भी हम उस कानून को मिटा नहीं पाये | बड़े शर्म की बात है हमारे लिए जिन लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दे कर हमें आज़ादी दिलाई आज वो ही क्या कहते होंगे की ये मेरी अंतिम इच्छा तक नहीं पूरी कर पाए लानत है भारत के नौजवानों पर जो आज भी अंग्रेजों के गुलाम हुए बेठे हैं !

और एक क्रन्तिकारी जिसने हँसते हँसते अपने प्राणों की आहुति दे दी और उनके कुछ बहुत याद किये जाने वाले गीत कविता , मेरा रंग दे बसंती चोला और खून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्किल में है सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है ! क्या आज हमारा देश खतरे में नहीं है क्या, क्या आज हमारे देश को जागना नहीं चाहिए ????


http://www.youtube.com/watch?v=Uk4uPYswRGk&feature=share


http://www.youtube.com/watch?v=0lCHWnYjJog&sns=fb

Friday, September 16, 2011

Vote for Kasaab/ Afzal Guru


ओ३म,
हम उम्मीद करते हैं की आप सभी इस प्रकार की मांग इस ग्रुप के आलावा , बीजेपी की
वेबसाइट , कोंग्रेस की वेबसाइट , यूवा कांग्रेस की वेबसाइट , उच्च न्यायालय
वेबसाइट , CBI / CVC की वेबसाइट, अन्य राजनितिक पार्टियों की वेबसाइट,
सम्बंधित फेसबुक पेज आदि पर भी पोस्ट कर रहे है , क्योंकि सिर्फ इस ग्रुप पर
बोलने से कुछ नहीं होगा
Jai Bharat
Ravinder Kumar Jayalwal
Pune

Blog : www.SocialServiceFromHome.com
*To keep yourself fit and fine without spending any money , Please
watch "AASTHA"
channel from 5.00 A.M. TO 8.00 A.M. and from 8.00 P.M. TO 9.00 P.M. every
day -- Make yoga as your daily routine and Ayurveda your life style
*
2011/7/19 Om B

- Hide quoted text -
> सोनिया परिवार की संपत्ति की जांच जरुरी
> सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी-वढेरा और उसके पति श्री वढेरा
> की नामी-बेनामी संपत्ति की पूरी जांच जरुरी है. यह जांच किसी स्वतंत्र
> जांच एजेंसी के जरिए ही कराया जाना चाहिए, क्योंकि सरकारी जांच एजेंसियां
> सोनिया गांधी के इशारे पर ही काम किया करती हैं. यह और बात है कि २ जी
> महा-घोटाले की जांच हो रही है, लेकिन यह विपक्ष के दबाव और सर्वोच्च
> अदालत के आदेश पर की जा रही है. बहरहाल, सोनिया परिवार की संपत्ति की
> जांच के लिए विपक्ष को जोरदार मांग करना चाहिए. अब तक विपक्ष ने यह मांग
> क्यों नहीं की, यह अचरज की बात है. सोनिया के इटली के सभी रिश्तेदारों की
> संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए. पिछले कुछ वर्षों में सोनिया के इटली के
> रिश्तेदारों की संपत्ति में कितना इजाफा हुआ है और किन स्रोतों से हुआ
> है, यह जानना भारत की आम जनता के लिए बहुत जरुरी है. Rudresh @smartrudra
> के अनुसार ""Aga Khan had sold islands off Sardinia in Italy to Sonia's
> sisters -worth $10b for $4b. make swamy tweets trends." यानि सोनिया की
> बहन को आगा खान ने १० बिलियन डॉलर के द्वीप महज ४ बिलियन डॉलर में दे
> दिये. यह किसके इशारे पर हुआ? इसकी भी जांच जरुरी है.
> by Rameshwar Arya on Monday, June 13, 2011 at 9:21am
> https://www.facebook.com/note.php?note_id=129940733751840
> --
> Manage emails receipt at
> http://groups.google.com/group/bharatswabhimantrust/subscribe
> To post ,send email to bharatswabhimantrust@googlegroups.com
> http://www.rajivdixit.com/ - Rajiv Dixit audio and videos lectures.
> http://www.bharatswabhimanyatra.com/ - Swami Ramdev's Yatra Videos
> http://www.bharatswabhimantrust.org/ - Bharat Swabhiman Official website आज हम आप सभी के समक्ष नेहरद्दीन खानदान का सच और हर प्रकार की सच्चाई रखेंगे आप पढ़ें और इस देशद्रोही परिवार की गुलामी से दूर हटें और अपना स्वाभिमान जगायें खुद भी जागृत होयें और अपने दूसरे सभी जानकारों को जागृत करें ..,,,..हाँ एक बात और अगर इस देशद्रोही खानदान की कोई भी और किसी प्रकार की जानकारी आप के पास हो तो आप हमे दे सकते हैं !

SWAMI RAMDEV JI NE 09 SEP KO TALKATORA STADIUM ME KUCHH IS PRAKAR APNI BAAT RAKHI http://www.youtube.com/watch?v=CQR9UBm2QD8&feature=feedu

NEHRUDDIN EXPOSED BY SHAHEED RAJIV DIXIT http://www.youtube.com/watch?v=CQR9UBm2QD8&feature=feedu

कॉंग्रेस की स्थापना एक अंग्रेज ने की और ये एक मनोरंजन के लिए बनाई गई थी कांग्रेस की स्थापना एक विदेशी ए.ओ.ह्यूम ने की थी। वह 1857 में इटावा का कलेक्टर था और जान बचाने के लिए बुरका पहन कर भागा था। ऐसा ही जवाहर लाल नेहरू के दादा जी के बारे में सुनते हैं। वे भी उन दिनों दिल्ली कोतवाली में तैनात थे और मेरठ से क्रांतिवीरों के आने की बात सुनकर कोतवाली छोड़ भागे थे। संकट में ऐसी पलायनवादी समानता दुर्लभ है। इसीलिए नेहरू खानदान आज तक कांग्रेस का पर्याय बना है। http://www.youtube.com/watch?v=FmwhMY2iqtQ


नेहरद्दीन ने देश को धोखा दिया वो था भारत का रहने वाला पर उसके अंदर आत्मा अँग्रेज़ों की थी और वो माउंट बेटान की बीबी की अस्मिता लूत्तता रहा और पंडित नेहरू उसकी बीवी को और भारत की आज़ादी एक समझोता है नीचे लिंक मे देखें पूरा सच http://www.youtube.com/watch?v=2P40alfZdAE

15 अगस्त 1947 .... आजादी नहीं धोखा है, देश का समझौता है https://www.facebook.com/note.php?note_id=134053253340588

इंद्रा गंदी ने देश को धोखा दिया और नेहरद्दीन खानदान ने कभी भी गौ हत्या निषेध नही करवानी चाही स्वामी कार्प्त्री जी महाराज जी को गोलियों से धुन दिया इस देशद्रोही महिला ने वीडियों ध्यान से देखें

http://www.youtube.com/watch?v=QP-3yAstcHo


इंद्रा गाँधी ख़ान ( बेमुना बेगम ) http://www.youtube.com/watch?v=4V3Q1SM94v4&feature=related

NEHRU aur vk krishna ki wajah se BHARAT 1962 KO CHINA se yudh hara BY RAJIV DIXIT JI !! http://www.youtube.com/watch?v=zUbgUfTOK0Q


देश लूट रहा है ये सरकारी दामाद_ROBERT VADRA BHRASHT SARKAR KA DAMAD http://www.youtube.com/watch?v=aEcBiK7epQw&feature=related

2G Scam Explained in Detail by Subramanian Swamy http://www.youtube.com/watch?v=Q7_zr4O6ooM&feature=related

Sonia Gandhi Swiss Bank Connection Exposed by Bandhu Gupta

http://www.youtube.com/watch?v=Fd6Z-ug46Vc&feature=related

Ram Jeth Malani exposes Rajiv Gandhi Sonia Gandhi in Rally 27 Feb 11 Delhi IS RALLY KO JANBUJHKAR KISI BHI NEWS CHANNEL NE NAHI DIKHAYA BLACK OUT KAR DIYA GAYA

http://www.youtube.com/watch?v=PaUTES3i3N8&feature=related

Sacrifice Drama of Sonia Gandhi Exposed by Dr Subramanian Swamy

http://www.youtube.com/watch?v=SFMy44L9w28&feature=related


12 JUNE 2011 KI PRESS CONFRENCE SONIA GANDAGI 08 JUNE SE 15 JUNE Sonia & Rahul in Switzerland to Secure their Black Money : Dr Subramanian AUR 15 LAC CRORE DEBIT THAT TIME FROM SWISS A/C
http://www.youtube.com/watch?v=pFXJ5Cc3a0M&feature=related

How Raul Vinci urf Rahul Gandhi Fooled Innocent Indians, What Knowledgable Indians Think of Him http://www.youtube.com/watch?v=eG7lQHTWPIY&feature=related

Edvige Antonia Albina Maino Alias Sonia Gandhi http://www.scribd.com/doc/13746840/Edvige-Antonia-Albina-Maino-Alias-Sonia-Gandhi


अजब राहुल (गांधी) की गजब कहानी BY ALOK RANJAN

https://www.facebook.com/note.php?note_id=206387622739624

THE CURIOUS CASE OF RAHUL GANDHI BY NITIN GUPTA https://www.facebook.com/note.php?note_id=10150165037156384

http://www.theindiacall.com/2011/06/rahul-gandhi-exposed-by-iitan-student.html

WHY IS CONGRESS SCARED OF GETTING BLACK MONEY BACK!! BY NITIN GUPTA

https://www.facebook.com/note.php?note_id=10150182763676384

BHOPAL GAS TRAGEDY https://www.facebook.com/note.php?note_id=391572036383

Rajiv Dixit's Expose of Bhopal Gas Tragedy http://www.youtube.com/watch?v=36OVH8R3ZV8

LOK TANTRA PAR PRAHAR AUR NAGRIK ADHIKARON KA HANAN https://www.facebook.com/note.php?note_id=137778849634695

सोनिया गाँधी के “निजी मनोरंजन क्लब” यानी नेशनल एडवायज़री काउंसिल (NAC) द्वारा सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा विधेयक का मसौदा तैयार https://www.facebook.com/note.php?note_id=133860273359886

SHREE NARENDRA MODI JI NE IS BILL KA BAHISHKAR KIYA https://www.facebook.com/photo.php?v=162882117124368

SONIA GANDHI KI AYASHI https://www.facebook.com/note.php?note_id=133869940025586

MUST READ- RAMDEVji and SWISS BANK !! रामदेव हमारे लिए एक खतरा : स्विस बेंक
https://www.facebook.com/note.php?note_id=133839053362008

CONGRESSIYON KA SACH TRUTH ABT BLACK BRITISHERS रंग बदलते कोंग्रेसियों के बयान......औंधे मुंह गिरती चतुर चाले और 'नग्न' मीडिया
https://www.facebook.com/note.php?note_id=129942240418356

सोनिया गंदगी भारत छोड़ो ! SONIA GANDAGI BHARAT CHHODO !

http://www.scribd.com/doc/64333970/%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%9B%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%8B-SONIA-GANDAGI-BHARAT-CHHODO


LOOTERA KHANDAAN NEHRU KHANDAAN http://www.youtube.com/watch?v=09Lb4s1raio&feature=player_embedded#!

सोनिया गांधी की बीमारी?????????? A Secret



सोनिया गांधी की बीमारी??????????
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क्या आप जानते है की सोनिया गाँधी को कौन सी बीमारी हो गयी है ?????????

मै बताती हूँ,, बीमारी का नाम है,, मारीशस और सिंगापूर के बेंको में पैसा ठिकाने लगाना ,,,

सभी के दिमाग में एक प्रश्न उठ रहा है कि --------

सोनिया गांधी है कहाँ ????????

सोनिया गाँधी को क्या बीमारी हुयी है ?????
सोनिया गन्दगी की मौज मस्ती पकड़ी गई सोनिया गंदगी अपना इलाज विलाज करवाने नहीं बल्कि छुट्टियां मानाने गई थी अब हम सब इसकी विदेश यात्राओं की जानकारी आर टी आई द्वारा मांगेंगे की कितना खर्च हुआ आप के ऊपर इस एक महीने में और आप का झूठा केंसर के इलाज में आप कितने करोड़ बर्बाद कर के आए हो और ०७ जून से १५ जून आप स्विज़ेर्लैंड क्या करने गए थे और आप के दामाद का नाम हर एअरपोर्ट पर क्यों लिखा है !

१,...४ जून के बाबा रामदेव के अनशन के दमन के बाद करीब १० -- ११ जून में रूस में लेनिन स्कवायर पर लोग इकट्ठे हुए और वहां कि जनता ने भी सरकार से स्विस बेंक से पैसा वापस लेने कि मांग कि... और वहां कि सरकार ने उस मांग को मानकर तीन महीने का समय लिया है जिसमे कि वे स्विस बेंक से पैसा वापस लेने कि कार्यवाही करेगे ............

२,..अगर रूस पैसा वापस ला सकता है तो फिर चीन और भारत पर भी दवाब पड़ता है पैसा वापस लाने के लिए ...............

३,तो यही पैसा ठिकाने लगाने के लिए सोनिया जी वो भी"" १४ लोगो कि टीम"" के साथ विदेशो कि यात्रा पर गयी है अपनी बिमारी का बहाना लेकर ..........

४, क्युकी स्विस बेंक से निकले गए उस पैसे को "मारीशस "और " सिंगापूर" के बेंको में ठिकाने जो लगाना है .......

वेसे भारत कि जनता तो मूर्ख है ही वो दुआ बददुआ कह ,, ,,,,कर टाइम पास कर लेगी,,,खुश हो जाएगी .....

और सोनिया जी ने तो स्विस बेंक से पैसा निकाल ही लिया सिंगा पुर और मारीशस में सुरक्षित कर ही रही है ........ माधवीSonia Gandhi's disease ??????????
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you know what diseases have been Sonia Gandhi's ????????? I'll tell you, the disease name, Mauritius and Singapore to get rid of the money in Banco,,, up in everyone's minds is a question that -------- ???????? where Sonia Gandhi Sonia Gandhi's disease has claimed ????? 1, ... 4 June Ramdev after the suppression of the fast close June 10 to 11 people gathered at Skwayr Lenin in Russia and the Swiss Bank to the public from the government demanded the withdrawal of money ... और वहां कि सरकार ने उस मांग को मानकर तीन महीने का समय लिया है जिसमे कि वे स्विस बेंक से पैसा वापस लेने कि कार्यवाही करेगे ............ २,..अगर रूस पैसा वापस ला सकता है Then China and India has the pressure to bring money back ............... 3, then finding the money to the disposal site that the "14" logo that the team " "With the excuse of her sickness has gone on that trip abroad .......... 4, Kyuki Swiss bank that the money came from "Mauritius" and "Singapore" at the base of which is to Banco. ...... it is that Indian public is so stupid she curses pray tell,,,,,, the time will pass,,, will be happy ..... and finding out the money from the Swiss Bank Singa taken has been introduced and secured in Mauritius ........ Madhavi



आज इस वीडियो और डॉक्टर सुभरमण्यम स्वामी जी की याद आ गई क्योंकि वो सही बोलते हैं इस देशद्रोही सोनिया गंदी के बारे मे अब भी यही लिख रहा हूँ की भारत के लिए जो सबसे बड़ा ख़तरा है वो हैं ये देशद्रोही लोग 1. सोनियागंदी , 2. रॉबर्ट वाड्रा , 3. रौल विन्सी ( राहुल गंदी) और 4. प्रियंका वाड्रा गंदी भारत के लिए बहुत बड़ा ख़तरा है ! इनमे से 3 देशद्रोही अमेरिका गये हैं और सोनिया गंदी तो अमेरिका 1 महीने के लिए गयी है और इससे पहले ये लोग 8 जून 2011 को स्विटेज़रलैंड गये थे और वहाँ से अपना काला धन निकाल कर वापस आए थे अभी भी ये लोग ख़ुफ़िया मिशन पे गये हैं भारत की बर्बादी का पूरा प्लान कर लिया है इस गंदी परिवार ने अब अमेरिका मे जा कर कुछ बहुत बड़ी साजिश कर रहे हैं ये देशद्रोही इनके विदेश जाने का एक तार जुड़ रहा है हरयाणा के भूमि अधिग्रहण मामले से क्योंकि उस राजीव गंदी ट्रस्ट के ये तीनो ही मलिक है सोनिया गंदी, राहुल गंदी, प्रियंका गंदी ..मे तो इतना सिर्फ़ ये पूछना चाहता हूँ की यु.पी के भट्तापरसोल मे जा कर ग़रीब किसानों को झूठी सांत्वना देने वाले देशद्रोही राहुल गंदी को अमेरिका जाने की क्या ज़रूरत थी इसे तो हरयाणा के ग़रीब किसानों के साथ होना चाहिए मे सभी को सावधान कर रहा हूँ इस पोस्ट और वीडियो के द्वारा के जाग जाओ नही तो आप को पूरी तरह गुलाम और ग़रीब दरिद्र बनाने की साजिश रची जा रही है और आप के बच्चों का भविष्य किस अधर मे खो जाएगा आप को पता भी नही चलेगा सावधान इस देशद्रोही परिवार काले अंगेजों से सावधान ! स्वामी रामदेव जी का अनशन टूटने के बाद सुभरमण्यम स्वामी जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसे किसी ने भी नही दिखाया लेकिन स्टार चन्नल ने इसको दिखाया उसके बाद तुरंत इस वीडीयो को यू ट्यूब से हटा दिया गया क्यों किसी और चॅनेल ने इस वीडियो को दिखाया ध्यान से देखो इस वीडियो को सही मे ये सब स्विस बॅंक गये थे 8 जून से 15 जून तक ये सब अपने पैसे निकालकर इटली मे डाल कर आ गये उस समय शेर मार्किट का हाल और स्विस बॅंक मे से 15 लाख करोड़ का निकल जाना अपने आप मे एक सच हे सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी-वढेरा और उसके पति श्री वढेरा की नामी-बेनामी संपत्ति की पूरी जांच जरुरी है. यह जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी के जरिए ही कराया जाना चाहिए, क्योंकि सरकारी जांच एजेंसियां सोनिया गांधी के इशारे पर ही का...म किया करती हैं. यह और बात है कि २ जी महा-घोटाले की जांच हो रही है, लेकिन यह विपक्ष के दबाव और सर्वोच्च अदालत के आदेश पर की जा रही है. बहरहाल, सोनिया परिवार की संपत्ति की जांच के लिए विपक्ष को जोरदार मांग करना चाहिए. अब तक विपक्ष ने यह मांग क्यों नहीं की, यह अचरज की बात है. सोनिया के इटली के सभी रिश्तेदारों की संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए. पिछले कुछ वर्षों में सोनिया के इटली के रिश्तेदारों की संपत्ति में कितना इजाफा हुआ है और किन स्रोतों से हुआ है, यह जानना भारत की आम जनता के लिए बहुत जरुरी है. Rudresh @smartrudra के अनुसार ""Aga Khan had sold islands off Sardinia in Italy to Sonia's sisters -worth $10b for $4b. make swamy tweets trends." यानि सोनिया की बहन को आगा खान ने १० बिलियन डॉलर के द्वीप महज ४ बिलियन डॉलर में दे दिये. यह किसके इशारे पर हुआ? इसकी भी जांच होनी चाहिए !

कहानी रॉबर्ट वाडरा की , कैसे भारत को लूट रहा है ये सरकारी दामाद

wake up ,जागो और देखो भारत को कैसे लूटा जा रहा है,भारत का सारा धन बाहर ले जा रहा है ये देशद्रोही इस वीडियो को संपूर्ण भारत मे फेला दो जल्दी से जल्दी और भारतीयों को जगा दो इस देशद्रोही परिवार के बारे मे
एक आम आदमी वादरा जो भारत का सारा धन विदेशों मे ले जा रहा है और हम मूक दर्शक बने हुए हैं हमे पता है की सारी जाँच एजेंसियाँ कॉंग्रेस की गुलाम है अगर इसका कुच्छ करना है तो सबसे पहले इसकी जाँच कराई जाए की ये वादरा भारत सरकार का सरकारी दामाद जो देश को लूट लूट कर विदेशों मे भारत का धन ले जा रहा है हम सब को जल्द से जल्द कोई सख़्त कदम उठना पड़ेगा नही तो ये देश बरबाद कर देंगे भारत मे लगातार इनका अत्याचार बढ़ता जा रहा है
हमे ही कुछ कदम ऊठाने होंगे ,

कुछ बदले से तेवर दिखाने होंगे,

ऐ मेरे दोस्तों ज़रा नींद से जागो !

कुच्छ कर्तव्य हमें भी निभाने होंगे...

वरना,

ज़मीन बेच देंगे, गगन बेच देंगे,

नदी, नाले, पर्वत, चमन बेच देंगे,

अरे! नौजवानों अभी तुम ना संभले,

तो ये भ्रष्ट नेता वतन बेच देंगे...

जय हिंद वान्दैमातरम भारत माता की जय हो


http://www.youtube.com/watch?v=MrJM3Nl33hQ
भ्रष्ट कांग्रेस सरकार के खिलाफ अन्ना जी का अन्न्शन हमें जन लोक पाल चाहिए


Ques-http://newsthatmattersnot.com/2011/09/sonia-gandhi-caught-on-camera-holidaying-in-switzerland.html
Sonia Gandhi caught on camera ‘holidaying’ in Switzerland

At a time when the Congress party is in the throes of clamour and criticism, its President Sonia Gandhi—who was supposed to be in the USA for a surgery—was caught on camera, holidaying in Switzerland, by an Indian couple honeymooning there. Mr. and Mrs. Zerihwala who talked to us on phone, mailed us two videos and three pictures of Sonia Gandhi—in a train with lush green mountains in the background.

Little did the innocuous Zerihwalas know about the impact their clicks were going to have. As soon as the news of Mrs. Gandhi being in Switzerland broke out, speculations came pouring from everywhere in the country and abroad. WikiLeaks founder Julian Assange told our reporters, “Mrs. Gandhi was in Switzerland to change the account details of her family, in the Swiss banks. She has now changed the names of all the account holders to some Kisan Baburao Hazare… This was going to be the next big revelation on WikiLeaks, but Zerihwala blew the fun. I am talking to my legal advisers about suing the Zerihwalas, whoever they are.” When we talked to our sources in Union Bank of Switzerland, they confirmed that Mrs. Gandhi did visit the bank a few days ago. This revelation has no doubt put the Congress President in an untenable position. It seems that for the Congress, which is already under immense pressure following a number of corruption cases against its ministers, the hard times have just begun.Mr. Kamlesh Zerihwala told us on phone, “Hi I am Cumless.. from Gujaraat.. I came haere for honeey moon with Mari wife, who is vaery byoo tea fool.. We saw Missees Gandhi on Interlaken Ost Staetion.. We asked her for autograph but she hastily boarded the Lauterbrunnen-bound tarain without saeying any thing.” Mr. and Mrs. Zerihwala who had planned a scenic train ride to Lauterbrunnen for the day, also boarded the train but didn’t approach Mrs. Gandhi again, more out of fear than hesitation. But they made sure they get some ‘secret’ photos of her, as a souvenir of their honeymoon.

Experts believe that with the pressure on the Government mounting every single second to disclose the names of Swiss bank account holders, Sonia Gandhi must have thought of changing the account holders’ names as an inevitable, yet wise decision. There is no other reason that explains her lying to the nation about a foreign trip. What’s more surprising is that none of the Opposition parties seem to be interested in this development. The Opposition issued a joint statement in the Parliament stating that there could be many reasons for a change of plan and the nation should not make such a fuss about it. DMK leader M. Karunanidhi went to the extent of saying that he would appeal to the house to ‘impeach’ the Zerihwalas on returning to India, for intruding the private space of an individual.”

The famous civil society has asked the Government for a CBI inquiry into the matter. The Government however maintained that they have much more things at hand, “We have to build the nation; things like these are secondary,” said Shri Manish Tiwari at a press conference. Leader of the opposition Smt. Sushma Swaraj also ducked the question by saying she concurs with the joint statement that was issued in the Parliament. She also said, “The Parliament is supreme in a democracy. The Media and the Nation should respect its authority. It’s the duty of every Indian to respect the Parliament’s decision and observations. I won’t go into the details of discussion we have had, as I have a dance engagement to honour.”

This sort of silence or rather support shown by the political class, shows that there is a confluence of interest, if not complicity itself. If things are indeed as grim and sordid as they appear at present, we are sorry to say but many a man will starve to death—but only a few willingly.

Regards
Ravi Kasana
Manager-Technical
Delhi Transport Corporation
vill & Po- JAwli,Ghaziabad
mob-9716016510

भारत बना कसाई


भारत बना कसाई - पाकिस्तान के लिये...

पाकिस्तान के लिए भारत में काटे जाते हैं लाखों पशु

हमें गर्व है कि हम उस भारत देश के नागरिक हैं जो करुणा और दया का देश है, अहिंसा जिसकी पहचान है। विश्व में केवल भारत ने ही "जियो और जीने दो" का संदेश दिया है। हर वर्ष जब पर्यूषण-पर्व आता है तो वह इस बात की याद दिलाता है कि हम प्रकृति की गोद में खेलते सहस्त्रों मूक प्राणियों की भी रक्षा करें। लेकिन हमारे देश की सरकार क्या करती है, इस बारे में सोचने पर असीम वेदना होती है।

देश के लगभग सभी प्रमुख स्थानों पर आज बूचड़खाने बन चुके हैं। पिछले दिनों मुम्बई महानगर के कोंकण तट पर दो जहाजों की भिड़ंत से समुद्र में चारों ओर तेल ही तेल फैल गया। कितनी मछलियां मरीं और कितने समुद्री जीवों ने अपने प्राण त्याग दिए, इसका कोई हिसाब नहीं है। केवल हम यह कह सकते हैं कि कछुवे से लेकर झींगे भी अब एक साल तक मुम्बई और आस-पास के समुद्री तट पर दिखलाई नहीं पड़ेंगे। मछलियों का सारा व्यापार ठप्प हो गया। आपदा प्रबंधन की बात करने वाली सरकार इन समुद्री जंतुओं को मरने से नहीं रोक सकी। मछलियों के अण्डे प्राय: समाप्त हो गए, इसकी कमी कितने समय तक खलेगी, कोई निष्णात ही बतला सकता है।

क्यों जरूरी है माँस निर्यात?

उक्त दुर्घटना तो मानव भूल के कारण हो गई लेकिन उन हत्याओं का क्या, जो भारत में जानबूझकर की जा रही हैं। भारत में कुल जनसंख्या में 30 प्रतिशत जनता आज भी विशुद्ध शाकाहारी है। 25 प्रतिशत लोग बहुत कम अवसरों पर मांसाहार करते हैं। शेष 45 प्रतिशत मिले-जुले रूप से मांसाहार और शाकाहार दोनों का उपयोग करते हैं। एक समय था जब भारत में 68 प्रतिशत जनता शुद्ध शाकाहारी थी लेकिन अब वह समय नहीं रहा। देशी रियासतों के शासन में 106 दिनों तक पशु नहीं कटते थे लेकिन अब तो "पर्यूषण पर्व" और "राम नवमी" के अवसर पर भी बाजार में जिसका चाहो, उसका माँस उपलब्ध हो जाता है।

विडंबना यह है कि भारत सरकार अपने यहाँ के पशुओं का माँस हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान को भी निर्यात करने से नहीं चूकती। पाकिस्तान वह पड़ोसी देश है जो हम पर न केवल हमले करता है, वरन् आतंकवाद को भारत में प्रायोजित करने वाला प्रमुखतम देश है। भारत से दुश्मनी निकालने के लिए वह कभी संसद पर हमला करवाता है तो कभी मुम्बई में ताज पर। पाकिस्तान वह सब कुछ करने के लिए तैयार रहता है जिससे भारत की सुरक्षा में सेंध लगती रहे। वर्ष में शायद ही कोई दिन जाता होगा जब हम पाकिस्तान के अत्याचारों को नहीं सहते होंगे।

भारत के लोग भूखे मरें लेकिन पाकिस्तान को हम आलू, शक्कर, प्याज और मनचाहा अनाज देने में पीछे नहीं रहते। दुनिया के धनी देश भारत को सबसे बड़ा माँस निर्यातक देश बनाने में जुटे हुए हैं। भारत के कृषि मंत्री का मानना है कि अन्य वस्तुओं के उत्पादन में बहुत खर्च आता है, लेकिन माँस एक ऐसा व्यापार है जिसमें हमारा कुछ भी खर्च नहीं होता है। उसे बूचड़खाने में भेजने की देर है बस, फिर तो डॉलर, यूरो और रुपयों से आपकी झोली भर जाएगी। चूंकि पशु का केवल माँस ही नहीं बिकता है बल्कि उसकी खाल, बाल, हड्डियां, आतें, खुर, सींग और चर्बी सभी बाजार में ऊंचे दामों पर बिकते हैं। मुम्बई के एक बड़े माँस निर्यातक के अनुसार, विपुल संख्या में पशुधन भारत के लिए पेट्रोल का कुआं है। जब चाहो उसका उपयोग करो।

पशु हमारे-पेट पाकिस्तानी

भारत सरकार इसी का अनुसरण कर रही है। वह धड़ल्ले से माँस का निर्यात करती है और अपनी तिजोरी को पैसों से छलका देती है। यहाँ तक कि वह अपने शत्रु देश पाकिस्तान की जीभ पर भी भारतीय पशुओं का "स्वादिष्ट" माँस रखने से परहेज नहीं कर रही है। इस समय दुनिया के 20 ऐसे देश हैं जिन्हें वह नियमित रूप से माँस की आपूर्ति करती है। इनमें पाकिस्तान का नाम भी शामिल है। सरकारी आंकड़े बतलाते हैं कि 2006-2007 में भारत ने पाकिस्तान को 25,606.38 मीट्रिक टन, 2007-2008 में 9,947.68 मीट्रिक टन और 2008-2009 में 2789.37 मीट्रिक टन माँस की आपूर्ति की थी। इसके बदले में भारत सरकार को क्रमश: 13,309.63, 6125.58 एवं 1,743.53 लाख रुपए की आय हुई। संक्षेप में कहा जाए तो 38343.43 टन माँस के बदले भारत सरकार को 21,178.74 लाख की कमाई हुई। भारत की जागरूक जनता को इस पर विचार करना चाहिए कि कितने सस्ते दामों में हमारा पशु धन हमारे शत्रु देश का भोजन बन रहा है।

हम कसाई बन गए?

भारत से माँस को निर्यात किए जाने वाले ऑंकड़ों पर जब विचार किया जाता है तो ऐसा महसूस होता है कि भारत दुनिया का अव्वल नम्बर का कसाई बन गया है। जिस देश में इतनी हिंसा फैलेगी तो फिर वहाँ आतंकवाद नहीं पनपेगा तो और क्या होगा। भारत सरकार अपनी भावी पीढ़ी को क्या संदेश दे रही है इससे स्पष्ट पता चल जाता है। संयुक्त अरब अमीरात एक ऐसा देश है जिसे सबसे अधिक माँस का निर्यात पिछले तीन वर्षों में किया गया है।

2006 में 29890 मीट्रिक टन, 2007 में 26,212 मीट्रिक टन और 2008 में 15648 मीट्रिक टन माँस का निर्यात किया गया। इससे भारत को कुल 58,361 लाख रुपए की कमाई हुई थी। भारत से माँस खरीदने वाले प्रमुख देशों में मिस्त्र, मलेशिया, कुवैत, सऊदी अरब अमीरात, जोर्डन, ईरान, ओमान, लेबनॉन, पाकिस्तान और अजरबैजान मुस्लिम राष्ट्र हैं, जबकि वियतनाम, फिलिपाइंस, अंगोला, जोर्जिया, सेनेगल, घाना और आइवरी कोस्ट गैर मुस्लिम राष्ट्र हैं। इतना ही नहीं भारत में जब भी किसी अन्य देश से "माँस- निर्यात" की मांग आती है, चाहे वह पश्चिम का ही देश हो, तो भारत सदा अपने पशुओं का कत्ल कर उनके माँस को निर्यात करने के लिए उतावला रहता है। भारत सरकार इसे विदेशी मुद्रा कमाने के लिए आवश्यक मानती है। लेकिन क्या किसी का रक्त और किसी का माँस बेचकर दुनिया का भला किया जा सकता है। यदि यह आवश्यक है तो फिर इंसान के रक्त का व्यापार सरकार क्यों शुरू नहीं कर देती?

भारत से विदेशों को निर्यातित माँस में भैंसों का माँस अधिक होता है। माँस के दलालों का कहना है कि भारतीय पशु जंगल में चरते हैं, इसलिए उसका माँस अधिक पौष्टिक और स्वादिष्ट होता है। इनमें केवल भैंस का ही नहीं बल्कि गाय और बैल का माँस भी शामिल है। आज भारत के बकरों और भैंस के माँस की भी दुनिया में बहुत बड़ी मांग है। इकोनोमिक टाइम्स में प्रकाशित समाचार के अनुसार, सरकार की अदूरदर्शी नीतियों से माँस की मांग में भारी वृद्धि हुई है।

नई दिल्ली स्थित डेयरी के एक अधिकारी ने बतलाया कि अप्रैल 2008 से 2009 के बीच भैंस के माँस निर्यात में पिछले वर्ष की तुलना में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जब चारा और अन्य वस्तु मंहगी होती है तो भैंस का मालिक उसे सीधे कत्लखाने भेज देता है। लेकिन दिल्ली पशु विश्वविद्यालय के डॉक्टर विनोद कुमार ने इस सम्बंध में लम्बी खोज के बाद कुछ चमत्कार किए हैं। मेरठ के पास उनका एक "फॉर्म हाउस" है जहाँ वे उन भैंसों को खरीदकर ले आते हैं जो समय पर ब्याती नहीं हैं। जो किसान दो-तीन हजार रुपए में भैंस बेचने को तैयार हो जाते हैं, वे उनको दस हजार रु. तक का मूल्य दे देते हैं। उक्त भैंस पुन: ब्याने पर दूध देना शुरू कर देती है। लेकिन सवाल है इस प्रकार के कितने डॉक्टर विनोद कुमार देश में हैं? दु:ख की बात तो यह है कि इन भैंसों को माँस के लिए काटने पर भारत सरकार अनुदान देती है। जिसका सीधा दुष्प्रभाव दुग्ध उत्पादन पर पड़ता है।

हरियाणा की मुररा भैंस दूध के मामले में विश्व विख्यात है। पिछले दिनों उस पर चीन की नजरें पड़ीं। वे इसे यहाँ से तस्करी द्वारा ले गए। अब चीन में उन पर नए प्रयोग हो रहे हैं। वे भी डाक्टर विनोद कुमार के मार्ग पर अग्रसर हैं। चीन का मानना है कि भारतीयों के घरों में घुसना है तो उन्हें सस्ते दूध की आपूर्ति करो। यदि हमारी भैंसें मांसाहारियों का कौर बनती रहीं तब तो कृष्ण के इस देश को दूध की खोज "बीजिंग" में जाकर करनी पड़ेगी। "दी केटल साइट लेटेस्ट न्यूज" पर 17 दिसम्बर, 2008 को जारी समाचार में यह मांग की गई है कि भारत गोमाँस का उत्पादन बढ़ाए। उसकी भविष्यवाणी है कि गोमाँस के निर्यात में भारत को अनिवार्य रूप से प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत की दर से वृद्धि करनी पड़ेगी। फिलहाल विश्व स्तर पर भारत का माँस के निर्यात में तीसरा स्थान है। नि:सन्देह परिस्थिति चिंताजनक हो चुकी है।

जय हो...

Regards
Ravi Kasana
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मजबूरी का नाम नेहरद्दीन- SONIA-GANDAGI-BHARAT-CHHODO


मजबूरी का नाम नेहरद्दीन
आज हम आप सभी के समक्ष नेहरद्दीन खानदान का सच और हर प्रकार की सच्चाई रखेंगे आप पढ़ें और इस देशद्रोही परिवार की गुलामी से दूर हटें और अपना स्वाभिमान जगायें खुद भी जागृत होयें और अपने दूसरे सभी जानकारों को जागृत करें ..,,,..हाँ एक बात और अगर इस देशद्रोही खानदान की कोई भी और किसी प्रकार की जानकारी आप के पास हो तो आप हमे दे सकते हैं !

SWAMI RAMDEV JI NE 09 SEP KO TALKATORA STADIUM ME KUCHH IS PRAKAR APNI BAAT RAKHI http://www.youtube.com/watch?v=CQR9UBm2QD8&feature=feedu

NEHRUDDIN EXPOSED BY SHAHEED RAJIV DIXIT http://www.youtube.com/watch?v=CQR9UBm2QD8&feature=feedu

कॉंग्रेस की स्थापना एक अंग्रेज ने की और ये एक मनोरंजन के लिए बनाई गई थी कांग्रेस की स्थापना एक विदेशी ए.ओ.ह्यूम ने की थी। वह 1857 में इटावा का कलेक्टर था और जान बचाने के लिए बुरका पहन कर भागा था। ऐसा ही जवाहर लाल नेहरू के दादा जी के बारे में सुनते हैं। वे भी उन दिनों दिल्ली कोतवाली में तैनात थे और मेरठ से क्रांतिवीरों के आने की बात सुनकर कोतवाली छोड़ भागे थे। संकट में ऐसी पलायनवादी समानता दुर्लभ है। इसीलिए नेहरू खानदान आज तक कांग्रेस का पर्याय बना है। http://www.youtube.com/watch?v=FmwhMY2iqtQ


नेहरद्दीन ने देश को धोखा दिया वो था भारत का रहने वाला पर उसके अंदर आत्मा अँग्रेज़ों की थी और वो माउंट बेटान की बीबी की अस्मिता लूत्तता रहा और पंडित नेहरू उसकी बीवी को और भारत की आज़ादी एक समझोता है नीचे लिंक मे देखें पूरा सच http://www.youtube.com/watch?v=2P40alfZdAE

15 अगस्त 1947 .... आजादी नहीं धोखा है, देश का समझौता है https://www.facebook.com/note.php?note_id=134053253340588

इंद्रा गंदी ने देश को धोखा दिया और नेहरद्दीन खानदान ने कभी भी गौ हत्या निषेध नही करवानी चाही स्वामी कार्प्त्री जी महाराज जी को गोलियों से धुन दिया इस देशद्रोही महिला ने वीडियों ध्यान से देखें

http://www.youtube.com/watch?v=QP-3yAstcHo


इंद्रा गाँधी ख़ान ( बेमुना बेगम ) http://www.youtube.com/watch?v=4V3Q1SM94v4&feature=related

NEHRU aur vk krishna ki wajah se BHARAT 1962 KO CHINA se yudh hara BY RAJIV DIXIT JI !! http://www.youtube.com/watch?v=zUbgUfTOK0Q


देश लूट रहा है ये सरकारी दामाद_ROBERT VADRA BHRASHT SARKAR KA DAMAD http://www.youtube.com/watch?v=aEcBiK7epQw&feature=related

2G Scam Explained in Detail by Subramanian Swamy http://www.youtube.com/watch?v=Q7_zr4O6ooM&feature=related

Sonia Gandhi Swiss Bank Connection Exposed by Bandhu Gupta

http://www.youtube.com/watch?v=Fd6Z-ug46Vc&feature=related

Ram Jeth Malani exposes Rajiv Gandhi Sonia Gandhi in Rally 27 Feb 11 Delhi IS RALLY KO JANBUJHKAR KISI BHI NEWS CHANNEL NE NAHI DIKHAYA BLACK OUT KAR DIYA GAYA

http://www.youtube.com/watch?v=PaUTES3i3N8&feature=related

Sacrifice Drama of Sonia Gandhi Exposed by Dr Subramanian Swamy

http://www.youtube.com/watch?v=SFMy44L9w28&feature=related


12 JUNE 2011 KI PRESS CONFRENCE SONIA GANDAGI 08 JUNE SE 15 JUNE Sonia & Rahul in Switzerland to Secure their Black Money : Dr Subramanian AUR 15 LAC CRORE DEBIT THAT TIME FROM SWISS A/C
http://www.youtube.com/watch?v=pFXJ5Cc3a0M&feature=related

How Raul Vinci urf Rahul Gandhi Fooled Innocent Indians, What Knowledgable Indians Think of Him http://www.youtube.com/watch?v=eG7lQHTWPIY&feature=related

Edvige Antonia Albina Maino Alias Sonia Gandhi http://www.scribd.com/doc/13746840/Edvige-Antonia-Albina-Maino-Alias-Sonia-Gandhi


अजब राहुल (गांधी) की गजब कहानी BY ALOK RANJAN

https://www.facebook.com/note.php?note_id=206387622739624

THE CURIOUS CASE OF RAHUL GANDHI BY NITIN GUPTA https://www.facebook.com/note.php?note_id=10150165037156384

http://www.theindiacall.com/2011/06/rahul-gandhi-exposed-by-iitan-student.html

WHY IS CONGRESS SCARED OF GETTING BLACK MONEY BACK!! BY NITIN GUPTA

https://www.facebook.com/note.php?note_id=10150182763676384

BHOPAL GAS TRAGEDY https://www.facebook.com/note.php?note_id=391572036383

Rajiv Dixit's Expose of Bhopal Gas Tragedy http://www.youtube.com/watch?v=36OVH8R3ZV8

LOK TANTRA PAR PRAHAR AUR NAGRIK ADHIKARON KA HANAN https://www.facebook.com/note.php?note_id=137778849634695

सोनिया गाँधी के “निजी मनोरंजन क्लब” यानी नेशनल एडवायज़री काउंसिल (NAC) द्वारा सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा विधेयक का मसौदा तैयार https://www.facebook.com/note.php?note_id=133860273359886

SHREE NARENDRA MODI JI NE IS BILL KA BAHISHKAR KIYA https://www.facebook.com/photo.php?v=162882117124368

SONIA GANDHI KI AYASHI https://www.facebook.com/note.php?note_id=133869940025586

MUST READ- RAMDEVji and SWISS BANK !! रामदेव हमारे लिए एक खतरा : स्विस बेंक
https://www.facebook.com/note.php?note_id=133839053362008

CONGRESSIYON KA SACH TRUTH ABT BLACK BRITISHERS रंग बदलते कोंग्रेसियों के बयान......औंधे मुंह गिरती चतुर चाले और 'नग्न' मीडिया
https://www.facebook.com/note.php?note_id=129942240418356

सोनिया गंदगी भारत छोड़ो ! SONIA GANDAGI BHARAT CHHODO !

Regards
Ravi Kasana
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Standard Name plan for Gurjar Samaaj

Gujjar Samaj
Name of people
Standard Name plan


First name - Gujjar/ Gurjar
Second name – general name
Surname – Gotar

Example Gujjar Ajay Nagar.

Similarly, Girls should follow this standard name plan.
Example: Gujjari/Gurjari Amrita Nagar
Why should we write Gujjar/Gurjar as our first name?
Answer: First, we are born as a Gujjar and secondly we need to name for our-self !!! Everybody should know about Gujjar/Gurjar community in country and in world. We are very big community in India but very few people know about us. This is the one of the fastest way to get recognise in India. Specially, we request Gujjar politician to implementation of name policy asap.
Lot of Gujjar/Gurjar are writing Choudhary/chowdhary as first or last name?
Answer: Lot of other people like jat, Bengali, Muslim are also writing Chowdhary/Choudhary. It is better, we write Gujjar/Gurjar as our first name only to avoid any confusion with other people.
Lot of Gujari girls in cities are putting their husband gotra after their marriage?
This is scientifically wrong, they should use their father gotra all time in life. They should not follow Punjabi or other cast naming policy.

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Ravi Kasana
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Monday, September 12, 2011

यह है देश के सम्मान के बारे मे सोचना


जब अटलजी प्रधानमंत्री थे, तब उन्हें घुटने में कुछ प्रॉब्लम था और एम्स के डोक्टरों ने उन्हें अमरीका मे इलाज कराने की सलाह दी थी, तब अटलजी ने साफ मना कर दिया और कहा की, "मैं देश का प्रधानमंत्री हूँ और विश्व मैं देश को रिप्रजेंट करता हूँ अगर मैं ही अमरीका जाकर इलाज करूँगा तो पुरे विश्व में यह सन्देश जायेगा की भारत मे अच्छी चिकित्सा सुविधा नहीं है, अत: मै भरत में ही अपना इलाज करवायुगा" और अटलजी ने मुंबई के ब्रिज्कान्द्य हॉस्पिटल में अपनी सर्जरी करवाई ... यह है देश के सम्मान के बारे मे सोचना

Regards
Ravi Kasana
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Riston per deeware

स्विस बैंकों में खाताधारक भारतियों के नाम


सोनिया गाँधी , राहुल गाँधी , दिग्विजय सिंह , विलास राव देशमुख .....पढ़ते रहो गद्दारों के नाम ..

विकी लिक्स का खुलासा
स्विस बैंकों में खाताधारक भारतियों के नाम

Regards
Ravi Kasana
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Delhi Transport Corporation(DTC)
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mob-9716016510
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Sunday, September 11, 2011

भविष्य का निर्माता बनेगा या विध्वंसकारक


कूड़े के ढेर से काग़ज़ बीनता बच्चा
पूरा का पूरा हिंदुस्तान की जीती-जागती तस्वीर है
काग़ज़ बीनता बच्चा हमारी वर्तमान व्यवस्था
की पोल खोल रहा है

उसके फटे-चीटे कपड़े देख कर भी हम
स्वच्छ और विकसित होने की कर रहे हैं
घोषनाएँ अगले दशक के अंत तक

उसकी भूख से सटी हुई आँतों और गालों पर
सूखे हुए आँसुओं के निशान से
हम लिख रहे हैं भारत का इतिहास

कूड़े के ढेर से काग़ज़ बीनता बच्चा
बाजार के विरुद्ध एक चीख़ है

हम कर रहे हैं जिस कूड़े के ढेर से घृणा
वही उसका सपना है
भारत का सपना
भारत का भविष्य और कूड़े का ढेर !

कूड़े के ढेर से काग़ज़ बीनता बच्चा
कूड़े के ढेर पर सफ़ेदी की ऊँचाई नाप रहा है अपनी आँखों से
कूड़े के ढेर की खोज में भटकता बच्चा
कोसों नंगे पाँव चलता है पीठ से बोरा लटकाए
बोरे के वज़न में उसके पूरे परिवार की
रोटी की संख्या छिपी है
कहाँ-कहाँ नहीं कूड़े के ढेर से मिलती है
उसे रोटी की गंध !

कूड़े के ढेर से काग़ज़ बीनते बच्चे के बारे में सोचता हूँ
यह हम सब पर निर्भर करता है कि वह
भविष्य का निर्माता बनेगा या विध्वंसकारक

Regards
Ravi Kasana
Manager-Technical
Delhi Transport Corporation
Vill & Po- Jawli,Ghaziabad
Mob-9716016510

कैसा है यह भारत निर्माण


1. कैसा है यह भारत निर्माण
अब तो लगता है की हो रहा भारत बर्बाद
निर्दोषों को मारा लाठी -डंडा
पूजनीय को बोला महाठग
यह कैसी है बिडम्बना
हो गया भारत बर्बाद
कैसा है यह दुर्भाग्य
विदेशी बनी है राज माता
सारे कांग्रेसियों को यही है भाता
फिर से वही आ गयी है
कांग्रेसियों के दिल पर छा गयी है
गुलामी के बंधन में हम जी रहे है
कब तक ऐसे गुलाम रहेंगे
कब तक तुम भी चुप चाप रहोगे
हो गया भारत बर्बाद
हो गया भारत बर्बाद

ओसामा को अब्बा कहते, रामदेव को ठग सैतान
हो रहा भारत निर्माण, हो रहा भारत निर्माण!!
अफजल, अजमल मेवा खाते
लस्कर वाले मौज मानते
कांग्रेस के बने दामाद
हो रहा भारत निर्माण!
सोनिया, राजा नोट कमाते
भर-भर बैग विदेश ले जाते
देश के बच्चे भुंखों मरते
आत्मदाह कर रहे किशान
हो रहा भारत निर्माण

2.गाय को घास खिलने से कष्ट दूर होते हैं,
पंछियों को दाना डालने से रोजगार अच्छा चलता है,
कुत्तों को रोटी देने से दुश्मन दूर भागते है,
चींटियों को आहार देने से कर्जमुक्त रहते हैं,
और मछलियों को आटा गोली चुगाने से समृधि आती है
और कांग्रेस को वोट देने से सब किया कराया गुड गोबर हो जाता है .


3. हमे ही कुछ कदम ऊठाने होंगे ,

कुछ बदले से तेवर दिखाने होंगे,

ऐ मेरे दोस्तों ज़रा नींद से जागो !

कुच्छ कर्तव्य हमें भी निभाने होंगे...

वरना,

ज़मीन बेच देंगे, गगन बेच देंगे,

नदी, नाले, पर्वत, चमन बेच देंगे,

अरे! नौजवानों अभी तुम ना संभले,

तो ये भ्रष्ट नेता वतन बेच देंगे...

जय हिंद वान्दैमातरम भारत माता की जय हो


4. घोर अन्धकार है ,देश में हाहाकार है
कश्मीर से बिहार तक , केरल से बंगाल तक
लुट का बाजार है
सो गए है युवा आजकल
काल सेण्टर की दूकान में
भारत माता रो रही है
नेताओ ने लुटा है
लालकिला भी शांत है
कहा खो गए हो वीर युवा
आकर स्वर से स्वर मिलाओ
तुफानो से लड़ना है
गद्दारों को सबक सिखाना है
आंधियो की राह बदल दो
दुश्मनों की चाल बदल दो
हर राह के राही हो तुम
जात पात का भेद मिटा दो
आग लगा दो इन नारों में
दूर भगा दो गद्दारों को
देश के दुश्मन नेताओ को
देश के दुश्मन नेताओ को
जय हिंद
5. आज उठा दो सब दुकाने यहाँ से काले धंधो की ,
दाल न हरगिज गलने देना अब स्वार्थ के अंधो की ,
सबसे कह दो ये धरती है ,आज़ादी के बन्दों की ,
भगत सिंह के इस भारत में जगह नहीं जयचंदों की ,
नहीं चलेगा काम दोस्तों केवल जय जय करो से ,
सम्हल के रहना अपने घरो में छिपे हुए गद्दारों से .

6..कम-से-कम देश तो आजाद है

क्या हुआ जो मुहँ में घास है
अरे कम-से-कम देश तो आजाद है.....!!

क्या हुआ जो चोरों के सर पर ताज है
अरे कम-से-कम देश तो आजाद है.....!!


क्या हुआ जो गरीबों के हिस्से में कोढ़ ओर खाज है
अरे कम-से-कम देश तो आजाद है.....!!

क्या हुआ जो अब हमें देशद्रोहियों पर नाज है
अरे कम-से-कम देश तो आजाद है.....!!


क्या हुआ जो सोने के दामों में बिक रहा अनाज है
अरे कम-से-कम देश तो आजाद है.....!!

क्या हुआ जो आधे देश में आतंकवादियों का राज है
अरे कम-से-कम देश तो आजाद है.....!!


क्या जो कदम-कदम पे स्त्री की लुट रही लाज है
अरे कम-से-कम देश तो आजाद है.....!!

क्या हुआ जो हर आम आदमी हो रहा बर्बाद है
अरे कम-से-कम देश तो आजाद है.....!!


क्या हुआ जो हर शासन से सारी जनता नाराज है
अरे कम-से-कम देश तो आजाद है.....!!

क्या हुआ जो देश के अंजाम का बहुत बुरा आगाज है
अरे कम-से-कम देश तो आजाद है.....!!


इस लोकतंत्र में हर तरफ से आ रही गालियों की आवाज़ है
बस इसी तरह से मेरा यह देश आजाद है....!!!

7.Sonia Gandhi 1 School Visit Krne Gyi 1 Class Me Aa K Boli Bcho:Koi Swal Puchna H To Pucho.
Papu Bola:Mere 3 Swal H.
1-Ap prim ministr Q nhi bni?
2-Rmleela maidan delhi me polic kisne bheji
3-Apka kitna paisa swiss bnk me h?
is Se Phle K Sonia Gandhi jwb Deti Half Time Ki Bell Bj Gai.
Aftr Half Time Bblu Khda Ho kr Bola:mam Mere 5 Swal H 3 Sawal To Wohi H Jo PAPU Ne Puche The
4- Half Time Ki Bell 20 Minut Phle Kaise Bj Gai?
Or
Akhri Swaal,
PAPPU Kha Hai?

9.

Saturday, September 10, 2011

Ek ajab si kahani hai zindgi,


Ek ajab si kahani hai zindgi,
ek ansuljhi paheli hai zindgi.

Sabka sath hote hue bhi ,
Akeli hai zindgi.

Sab kuch hai pass fir kyu,
Maayus hai zindgi.

Kabhi pyaara sa aarman to kabhi,
Kabhi nirash hai zindgi.

Kabhi khushi ka jahan hai zindgi to,
Kabhi dard ka tufaan hai zindgi.

Kabhi phulo ka gulistan to ,
Kabhi kaanto se bhara daaman hai zindgi.

Kabhi dost hai to,
Kabhi khud ki dusman hai zindgi.
Kabhi paropkar to kabhi,
Gunaaho hai zindgi.
Koi bata de aakhir kya hai ye sindgi?
Suna hai chand lamho ki mohtaj hai Zindgi.

Kitna bhi pyaar karo zindgi se,
Par hoti hai bewafa zindgi.

Kuch iss tarah jiyo zindgi ki,
Ban jaaye itihaas zindgi

Kisaan ki Vyatha


अच्छी फसल की आशा में, बीज बोता है हर एक किसान
बीटी कपास के जाल में फँसकर, छोड़ा है इसने अब बोना धान

इस गरीब के लिए नहीं है देखो, हमारे बैंकों में कोई भी क़र्ज़
साहुकार से लेकर पैसे, करता है पूरे ये अपने सब फ़र्ज़

साहुकार से ही लेता है, हर जरुरत में ये पैसे उधार
रखकर गिरवी जेवर-ज़मीन, नहीं मानता किस्मत से हार

हर साल खरीद के लाता है ये, चमकीले-महंगे विदेशी बीज
खाद और दवाई डालकर, खेतों को देता है पसीने से सींच

देखभाल करता है ये फिर, अपनी फसल की दिन-रात
चाहे सर्दी हो गर्मी हो, या हो चाहे भीषण बरसात

क्या करेगा वो भी जब, नहीं देती है किस्मत ही साथ
मेहनत करने के बाद भी, असफलता ही लगती है हाथ

बीमारीमुक्त बीज में भी जब, लग जाती है ढेरों बीमारी
बेवक्त अकाल के आने से, नष्ट हो जाती है फसलें सारी

फसल ख़राब हो जाने से, कैसे होगी बोलो अब कोई कमाई
घर में भी तो है एक बेटी, हुई है दस दिन पहले ही सगाई

सोचो कैसे भरेंगे पेट, कैसे होगी अब इस बेटी की शादी
फसल के न होने से तो अब, हो गई है उसकी पूरी बर्बादी

साहुकार भी देगा नहीं, अब फिर से उसे पैसे उधार
जेवर तो गए ही है बीवी के, अब देने पड़ेंगे एकड़ चार

ज़मीन और घर की चिंता में, चिता का रह रहकर आता है ध्यान
खेत में डालने की दवाई खाकर, दे देता है वो एक दिन अपनी जान

कितना असहाय हो गया है यारों, सोचो इस देश का किसान
हर आधे घंटे में जो दे रहा है, इसी ज़मीन पे अपनी जान

इसी ज़मीन पे अपनी जान
इसी ज़मीन पे अपनी जान

जय किसान जय जवान.......

regards
Ravi Kasana
Manager-Technical
Delhi Transport Corporation(DTC)
vill & Po- Jawli,Ghaziabad
mob-9716016510

Aatanki keise ghus aate hai, Lahori darbaro ke.


aatanki keise ghus aate hai,
Lahori darbaro ke.

Har baar kyu chuk hoti hai,
Apne pahredaro se..?

Kyuki....

Hamne vardhi ke pairo me,
Sakht bediya dali hai.

Or bhediyo ko delhi ne,
Khuli chhuth de dali hai.

Tab voto ke khatir kuch neta,
Kafiro ke hit me tan jate hai.

Isiliye to roz bhediye,
Chhathi par tan jate hai.

Jis din goli ka uttar ham,
Goli se de payenge.

Us din aatanki inke,
Baap bhi thik ho jayenge.

Hamne aatanki pale,
Jeilo me paroshi biryani.

Har senik ki vidhava rohi,
Aankho me aaya pani.

Kai khun karke bhi jab,
Vo Kshamadan pa jate hai.

Or shahido ki kurbani par,
Matam chha jate hai.

Utho naye kanun mang lo,
Sansad ki diwaro se.

Hatyaro ko kshamadan ab,
Nahi mile darbaro se.

Inko sidha fanshi tange,
Veer shahido ki mataye.

Yaa sine me goli mare,
Bas..senik ki vidhavaye.

Jis din ye kanun banega,
Us din aag buzegi ye.

Varna sine me jwalaye,
Duguni ho chalegi ye...

Duguni ho chalegi ye.

Desh Prem Veerta



sabhi mitro se anurodh hai ki is post ko pura jarur padhe,kyoki mene mere jivan me itani achi or sachi kavita na kabhi suni , na kabhi padhi . Yah kavita mere priya ojsavi ,veeras kavi shree vinit ji chauhan ne tab likhi jab unka ek shishya kargil yudh me shahid ho gaya ,or shahid hone se pahle us jawan ne ek chithi likhi thi jisme likha thaa.....

Yu to tere ishaq me ,
Ye jaan bhi kurban hai.
maang re vatan par apna,
Ishaq bhi kurban hai......!

Tab vinit ji ne ye kavita likhi.

-:Ghayal senik ki chithi:-

Pahli panktiya maa ko.....

Maa tumhara ladla,
Rann me abhi ghayal huaa hai.

Desh uski veerta par,
Kayal huaa hai.

rakt ki holi rachaye,
Me praytan kar raha hu.

Maa usi sonnik se tumhe,
Patra antim likh raha hu.

Maa yudh thaa bhishan,
Magar me nahi piche hata hu.

Maa tumhari thhi kasam,
Aaj incho me katta hu.

Ek goli vax par,
Kuch der pahle aa lagi hai.

Maa tumne di thi kasam,
Vo aaj mene puran ki hai.

Maa chhaa raha hai ab,
Aankho ke samne andhera.

Par usi me dikh raha hai,
Maa muje savera.

Maa kah rahe hai shatru bhi,
Me kis tarah paida huaa hu.

Lag raha hai singhani ki,
Kokh se paida huaa hu.

Tum ye na samjo maa,
Ki me nind lene ja raha hu.

Me to tumhari kokh se,
Fir janam lene aa raha hu.

Agli panktiya pita ko......

Me aapko bachpan me,
Bahut dukh de chuka hu.

Kandho par khada hokar,
Aasman me let chuka hu.

Tum sada kahte na the,
Ki reehn tuje bharna padega,

Ek din kandho pe mujko,
Le tuje chalna padega.

Par o pita aapki baat,
Me samaz na paya.

Aap muje karna shama,
Me pitra rhin ko bhar na paya.

O pita ye prasn mujko,
Aaj tak bhi khaa raha hai.

Aaj bhi ye sukh tumhare,
Kandho par hi jaa raha hai.

Agli panktiya bhai ko........

Sun anuj ranveer mere,
Goli bah me jab aa samai.

O meri bahi bhuja,
Us vakt teri yaad aai.

Me tumhe baho se ab,
Aakash de sakta nahi hu.

Lout kar bhi aaunga,
Vishwas de sakta nahi hu.

Par ab tum vishwas rakhna,
Me nahi piche hatunga.

Tum bharosa puran rakhna, Sansh antim tak ladunga.

Ab tumhi ko sounpta hu,
Bahin ka dhyan rakhna.

Jab pade usko jarurat,
Vakt par samman karna.

Tum us se kahna,
Ki raksha parv jab bhi aayega.

Bhai ambar me nazar,
Aashish deta aayega.

Agli panktiya patni ko........

Annt me, me priye tumse,
Aaj bhi kuch mangta hu.

Hai dena kathin magar,
Nithhur harday mangta hu.

Ki tum amar sobhagya ki,
Bindiya sada mathe pe lagana.

hath me chudiya pahankar,
Panvo me mehndi rachana.

Tum nahi vaibhaya ki,
Pratimurtiya ki sadhika ho.

Tum amar balidaan ki,
Pushtak ki pahli bhumika ho.

Janata hu balko ke,
Prashn kuch sulje na honge.

Shekado hi prashn honge,
Jinme vo ulaje to honge.

Puchte honge ki papa hai kaha,
Or ghar kab aayenge.

Hamko sath lekar ,
Ghumne kab le jayenge.

Papa hamko chodkar,
Jane kaha baithe huye hai.

Kya unhe malum hai,
Ki unse ham ruthe huye hai.

To tum unhe samzhana ,
Ki yu zidh par aad jate nahi hai,

Or jyada zidh karte hai unke,
Par Papa ghar aate nahi hai.

Me yaha yudh par,
Shourya se lad raha hu.

Ek pratighya me uske,
Hit me kar raha hu.

Vansh ki paavan dharohar,
Ab tumhi ko sounpta hu.

Me dushaman ki goli ko,
Ban diwar rokta hu.

Tum akeli ho,
Nahi dheirya ko khone dena.

Bhar uthe dukh se harday,
Par aankh ko rone na dena.

Aant me , me priye tumse,
Aaj bhi kuch mangta hu.

Hai dena kathin magar,
Nithhur harday mangta hu.

Shath path ki yatra se,
Tum meri ardhangini ho.

Saat janmo tak bajogi,
Tum amar verangini ho.

Isliye adhikar tumse,
Bin bataye le raha hu.

Maang ka sindur tera,
Matrabhumi ko de raha hu........
Maang ka sindur tera,
Matrabhumi ko de raha hu...........!
Bharat mata ki jai






वीरता जहाँ पर नहीं, पुण्य का क्षय है,
वीरता जहाँ पर नहीं, स्वार्थ की जय है।

तलवारें सोतीं जहाँ बन्द म्यानों में,
किस्मतें वहाँ सड़ती है तहखानों में।
बलिवेदी पर बालियाँ-नथें चढ़ती हैं,
सोने की ईंटें, मगर, नहीं कढ़ती हैं।

कह दो प्रपंचकारी, कपटी, जाली से,
आलसी, अकर्मठ, काहिल, हड़ताली से,
सी लें जबान, चुपचाप काम पर जायें,
हम यहाँ रक्त, वे घर में स्वेद बहायें।

हम दें उस को विजय, हमें तुम बल दो,
दो शस्त्र और अपना संकल्प अटल दो।
हों खड़े लोग कटिबद्ध वहाँ यदि घर में,
है कौन हमें जीते जो यहाँ समर में ?

जा कहो, पुण्य यदि बढ़ा नहीं शासन में,
या आग सुलगती रही प्रजा के मन में;
तामस बढ़ता यदि गया ढकेल प्रभा को,
निर्बन्ध पन्थ यदि मिला नहीं प्रतिभा को,

रिपु नहीं, यही अन्याय हमें मारेगा,
अपने घर में ही फिर स्वदेश हारेगा।......दिनकर

सच में आज दिनकर जी की कही पंक्तियों का एक एक अक्षर सत्य है आज यही स्थिति भारत की है और आज इस भ्रष्ट तंत्र में फिर एक किसी परशुराम की प्रतीक्षा में भारतभूमि है