Monday, October 3, 2011

सोनियाजी सोनियाजी राहुल बाबा कब व्याह रचाएंगे,


एक दिन मनमोहनजी के मन में ख्याल आया,
जाकर उन्होंने सोनिया जी से यूँ फ़रमायाA
सोनियाजी सोनियाजी राहुल बाबा कब व्याह रचाएंगे,
या फिर कंवारे रहकर ही जिंदगी बिताएंगेA

और नहीं तो क्या अग्नि के सात फेरे लगायेंगे,
या फिर राजीवजी की तरह विदेशी मेम लायेंगेA

सुनते ही झाल्लायीं सोनियाजी बोली चुप रहिये आप
जब देखो करते रहते हो फालतू बकवास A

अगर राहुल बेटा कंवारा ही रहेगा,
तो गाँधी परिवार विकास कैसे करेगाA

और अगर बाबा विदेशी मेंम लायेंगे.
लोग फिर विदेशी मूल का मुद्दा उठाएंगेA

हम तो बाबा के लिए भारतीय बाला लायेंगे,
और उसे देश का प्रधानमंत्री बनायेंगेA

सुनकर मनमोहनजी सुन्न रह गए,
जैसे सारे अरमान पानी में बह गएA

उस दिन उन्हें ये हो गया एहसास
राजनीति में कोई किसी का नहीं है खास.

बोले सोनियाजी अब मैं चलता हूँ ,
बाबा के लिए कोई भारतीय बाला तलाश करता हूँA

उसके बाद से मनमोहनजी की तलाश जारी है
और साथ में सन्यास लेने की भी तयारी हैA

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